राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर सोनिया गांधी ने आज बुलाई विपक्ष की बैठक

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राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर गुरुवार शाम विपक्ष की बैठक होनी है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को 17 दलों के नेताओं को फोन कर इस बैठक में शामिल होने का आग्रह किया है. सूत्रों के मुताबिक- इस बैठक में अलग उम्मीदवार उतारने की विपक्ष की रणनीति पर चर्चा हो सकती है. इसके लिए मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे, एमएस स्वामीनाथन के नाम पर चर्चा हो सकती है. आरजेडी, टीएमसी, लेफ़्ट, डीएमके, सपा, बसपा जैसी पार्टियां इस बैठक में शामिल होंगी, हालांकि जेडीयू इस बैठक से दूर रहेगी. जेडीयू ने पहले ही एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन का ऐलान कर दिया है. मायावती भी रामनाथ कोविंद के प्रति नरम रुख़ ज़ाहिर कर चुकी हैं. मुलायम भी कोविंद की उम्मीदवारी पर सहमति दे चुके हैं. ऐसे में विपक्ष को एकजुट करने की कांग्रेस की कोशिश कुछ ख़ास रंग लाती नहीं दिख रही है.
बुधवार को कोविंद का समर्थन करने का फैसला कर जेडीयू ने विपक्ष को एकजुट करने की कवायद को बड़ा झटका दे दिया. दिल्ली में रामनाथ कोविंद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मिलते रहे, जबकि पटना से उनके समर्थन की खबर आई. नीतीश कुमार के रुख को लेफ्ट ने विपक्षी एकता के लिए झटका बताया. सीपीआई नेता डी. राजा ने एनडीटीवी से कहा, ‘राष्ट्रपति चुनावों को लेकर 17 विपक्षी पार्टियों के नेता एक साथ पिछले महीने एक बैठक में शामिल हुए थे. अब नीतीश ने कोविंद का जिस तरह से समर्थन किया है, वो विपक्ष की एकजुटता की कोशिशों को झटका ज़रूर है.’

दरअसल राष्ट्रपति चुनावों से पहले आंकड़ों के खेल में एनडीए काफी आगे निकल चुका है. राष्ट्रपति चुनाव में कुल 10,98,903 वोट हैं और उम्मीदवार की जीत के लिए 5,49,452 वोट चाहिए. इनमें से एनडीए के कुल 5,37,683 वोट पहले से हैं, यानी 48% से कुछ ऊपर. रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी के बाद एनडीए, एआईएडीएमके, बीजेडी, टीआरएस, जेडीयू, वाईएसआर (कांग्रेस) के समर्थन के साथ कुल 62.7% वोटों का समर्थन हासिल कर चुका है. हालांकि सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी अब भी एक मज़दूत उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. सीताराम येचुरी ने एनडीटीवी से कहा, ‘विपक्ष की तरफ से एक तगड़ा उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा. आज संविधान की बुनियाद को बचाया जाए या आरएसएस के हिन्दू राष्ट्र को आगे बढ़ने दिया जाए. इसी सवाल पर अब कन्टेस्ट होगा.’

विपक्षी खेमे ने अभी तक किसी नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात से इन अटकलों को बल मिला है कि वह दौड़ में आगे चल रही हैं. सूत्रों ने बताया कि जेडीयू की घोषणा के बाद बुधवार को कांग्रेस तथा गैर-एनडीए दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला कि किस प्रकार विपक्ष को एकजुट रखा जाए.