SO ने बीजेपी नेता को पिटकर लॉकअप में डाला और बोला, थाने को योगी नहीं मैं चलाता हूँ

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डीजीपी का आदेश है कि थाने में आने वाले फरियादियों को सम्मान से बैठाया जाए, उन्हें पानी तक पिलाने का निर्देश है। लेकिन यहां तो आम फरियादी तो दूर बीजेपी नेता पर पुलिस की बर्बरता का मामला प्रकाश में आया है। बल्दीराय थाने के इंचार्ज पर बीजेपी नेता को पीटकर थाने में बंद करने का आरोप लगा है। ऐसे में जब पार्टी के नेता के साथ योगी की पुलिस का ये बर्ताव है तो आम आदमी के साथ कैसा बर्ताव होगा समझा जा सकता है।

दरअसल पूरा मामला ये है कि थाना बल्दीराय क्षेत्र के ओझा के पुरवा में लगभग सप्ताह भर पूर्व बीजेपी के मंडल बल्दीराय के पूर्व उपाध्यक्ष व पर्यावरण प्रमुख मंडल बल्दीराय गोकरननाथ ओझा का कब्जेदारी को लेकर गांव के राजेन्द्र के साथ जमकर मारपीट हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग जख्मी हुए थे जिन्हें पहले सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया था।

इस प्रकरण में बीजेपी नेता गोकरननाथ ओझा का आरोप है कि बल्दीराय एसओ एसपी सिंह ने उससे रिश्वत मांगा, डिमांड पूरी न होने पर जमकर धुनाई किया और लॉकअप में डाल दिया। ये भी आरोप है कि एसओ ने बीजेपी नेता का मोबाइल छीन कर रख लिया और कहा कि भाजपा के रहमों करम पर थानेदार नहीं हूं, उन्होंने अपने को किसी कद्दावर नेता का रिश्तेदार बताते हुए कहा कि थाने का नियम योगी नहीं मैं चलाता हूं। एसओ की इस कार्यशैली से क्षुब्ध बीजेपी नेता ने दरोग़ा की शिकायत पार्टी के जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किया है।इस संदर्भ में एसओ बल्दीराय एसपी सिंह ने कहा कि डायल 100 की मारपीट की सूचना पर वो स्वयं फोर्स के साथ स्थित को नियंत्रण करने मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने ये भी बताया कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता गोकरननाथ ओझा ने पुलिस टीम से बदसलूकी किया था। इस पर पुलिस टीम ने दोनों पक्षों की तहरीर पर बलवा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। वहीं एसओ ने बीजेपी नेता के आरोप को बेबुनियाद बताया है।