हुडदंगियो ने आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश, एक समुदाय के खिलाफ की नारेबाजी, फाड़े झंडे

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सुल्तानपुर. भारतीय नववर्ष और चैत्र नवरात्रि पर ज़िले भर में मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी। वहीं फैज़ाबाद-इलाहाबाद नेशनल हाइवे पर स्थित कूरेभार थाना क्षेत्र में हुडदंगियो ने आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हुए एक समुदाय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाइवे के बोर्ड पर लगे उनके झंडे भी फाड़े। फिलहाल लोगों की सूझबूझ से बड़ा हादसा होते-होते टल गया है। उधर इस मामले पर पुलिस ने चुप्पी साध ली है जिससे दूसरे पक्ष में भारी रोष है।

*ये है पूरा मामला*
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर थाना कूरेभार के बाज़ार में समुदाय द्वारा जुलूस निकाला गया।
ये डीजे की धुन पर निकला ये जुलूस हनुमान गढ़ी से निकलकर लगभग 400 मीटर की दूरी पर स्थित गीता मंदिर पर समाप्त हुआ।
सूत्रों की मानें तो जब ये जुलूस नेशनल हाइवे पर पहुँचा तो वहां मेन चौराहे पर लगे बोर्ड पर एक समुदाय के झंडे लगे थे इस पर कुछ हुडदंगियो की निगाह पड़ गई।

*सौहार्द्र में खटास बढ़ने की आशंका पर आगे आए सम्भ्रांत लोग*
प्रत्यक्षदर्शियो की मानें तो जब तक ज़िम्मेदार इन्हें रोकते तब तक जुलूस में शामिल हुए कुछ हुडदंगियो ने नारेबाजी करते हुए झंडे नोचना शुरु कर दिया।
इतने ही पे ये हुडदंगियो रुके नहीं बल्कि उन्होंने समुदाय के खिलाफ विरोधाभासी नारे लगाए।
इस पर आपसी सौहार्द्र में खटास बढ़ने की आशंका देख कुछ सम्भ्रांत लोगों ने जुलूस आगे बढ़वाया तब जाकर कहीं मामला ठंडा हुआ।

*एक समुदाय बढ़ा रोष*
उधर इस घटना के बाद एक समुदाय में पुलिस के खिलाफ रोष भी बढा।
वो इसलिए के इतने बड़े कार्यक्रम में चौराहे पर बस एक सिपाही की ड्यूटी लगाई गई थी।
वो भी मूकदर्शक बना बैठा रहा, हैरत तो इस बात पर के उसने थाने पर भी इसकी सूचना देना उचित नहीं समझा।

*हुडदंग की घटना को नकार रही पुलिस*
वहीं इस ख़बर के बाद जब एसओ नंद कुमार से जानकारी चाही गई तो उन्होंने ये तो बताया कि उक्त जुलूस एसडीएम की परमीशन से निकला था।
लेकिन उसमें हुडदंगियो द्वारा किए गए कृत्य को उन्होंने सिरे से नकार दिया।
उन्होंने ऐसे किसी आपसी सौहार्द्र बिगाड़े जानें की बात से इनकार किया।
ऐसे में बड़ा सवाल ये है के कैमरे में कैद हुई तस्वीरे और नारेबाजी की बात सही है या फिर एसओ की बात?