सिर्फ PM मोदी और जेटली ही जानते थे कि कब लागू होगा नोटों को चेंज करने का फैसला; 2000 के नोट पर नैनो GPS चिप

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500 अौर 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला अचानक नहीं हुआ। इसकी प्रॉसेस बीते गुरुवार से शुरू हुई थी और सिर्फ 6 दिनों में इसे अंजाम तक पहुंचा दिया गया। सिर्फ नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली ही जानते थे कि नोट कब बंद होंगे। गुरुवार दोपहर 1 बजे फाइनेंस मिनिस्टर जेटली ने सभी शहरों के आरबीआई चीफ के साथ मीटिंग की। उसी में यह फैसला हुआ। मीटिंग में किसी मैनेजर ने कोई प्रेजेंटेशन नहीं दिखाई। यह भी बता दें कि 2000 के नए नोट पर नैनो जीपीएस चिप लगा होगा। इससे नोट की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। फैसले से पहले: बड़ी स्क्रीन में दिखाई गई पीपीटी…
– बड़ी स्क्रीन में पीपीटी यानी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन खुद जेटली ने दिखाई। दोपहर 2.30 से 2.50 बजे तक फाइनेंस मिनिस्टर के साथ हुई मीटिंग में आरबीआई के सभी मैनेजरों से 20 मिनट में नोट बंद करने को लेकर सुझाव मांगे गए।
– कई ने एतराज जताया, कहा लोग परेशान होंगे। तो इस पर एक सामूहिक फैसला लेकर अगले गुरुवार तक 100 रुपए की करेंसी बैंकों को डिस्ट्रीब्यूट करने से मना कर दिया गया।
– इसके अलावा, सभी आरबीआई चीफ को सख्त ऑर्डर दिए गए कि कहीं यह बात न की जाए। यहां तक कहा गया कि आज इस मीटिंग के बाद सभी को चेक किया जाएगा।
2000 के नोट पर लगी होगी चिप
– 500 और 2000 रुपए के नए नोट 10 नवंबर को जारी होंगे। इसमें नैनो जीपीएस चिप (एनजीसी) लगा होगा। इसमें पावर सोर्स नहीं होता।
– यह सिग्नल रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है। सैटेलाइट से सिग्नल छोड़ने पर एनजीसी से रिफ्लेक्ट होगा। इससे नोट की लोकेशन का पता चल जाएगा।
120 मीटर जमीन के अंदर भी नोट का पता चल जाएगा
– सैटेलाइट सिग्नल से पता चलेगा कि किसी खास लोकेशन में कितने नोट हैं। जांच एजेंसियों को इसका पता रहेगा।
– जमीन के भीतर 120 मीटर गहरे गड्‌ढे में भी यह सिग्नल पकड़ेगा। नोट को नष्ट किए बिना जीपीएस चिप को निकालना संभव नहीं होगा।
टाइमलाइन : कब क्या हुआ ?
#शुक्रवार, शाम 4 बजे :पीएम मोदी और अरुण जेटली की मीटिंग
इसमें मोदी ने सिर्फ सुझाव मांगे। कहा कि लोगों की राय लेकर फैसला लिया जाएगा। आईएएस ऑफिशियल्स के मुताबिक, मोदी और जेटली के अलावा कोई नहीं जानता था कि कब क्या होगा?
– आरबीआई चीफ तक को यह जानकारी नहीं दी गई कि 500 और 1000 के नाेट कब से बंद होंगे।
– बैठक में जेटली और होम मिनिस्ट्री के 40 आईएएस अफसर थे। शुक्रवार को मोदी ने फाइनेंस मिनिस्ट्री के साथ मीटिंग की। 7 बड़े केंद्रीय मंत्री शामिल थे। फैसले पर सभी मंत्रियों ने सहमति जताई।
#शुक्रवार, शाम 7:30 बजे : आरबीआई अफसरों को ईमेल के जरिए मैसेज मिला
इसमें लिखा था कि सभी बैंकों में 500 और 1000 की करेंसी तो भेजी जाए। लेकिन 100 के नोटों में 90% तक कटौती कर दी जाए।
– एटीएम में भी 100 के नोटों में कटौती कर दी गई। आदेश सीधे फाइनेंस मिनिस्ट्री के थे। आखिरी ट्रांसफर शनिवार सुबह एटीएम मशीनों में हुआ।
#मंगलवार, सुबह 11:25 बजे :आरबीआई दफ्तरों में फैक्स
इसमें कहा गया कि आज के बाद सरकार की नई नोटिफिकेशन के बिना 500 और 1000 के नोट किसी निजी बैंक से एक्सेप्ट नहीं किए जाएं।
#मंगलवार, शाम 4:55 बजे : दूसरा फैक्स आया
– इसमें लिखा गया कि पीएम मोदी के ऑर्डर के मुताबिक, मंगलवार रात 12 बजे के बाद 500 और हजार के नोट बंद कर दिए गए हैं। निजी बैंकों से 500, 1000 रुपए के ट्रांजैक्शन लेने से परहेज करें।
– अगला नोटिफिकेशन बुधवार को आ सकता है।
#मंगलवार, रात 8:20 बजे: आरबीआई गवर्नर की ईमेल
गवर्नर की ईमेल-फैक्स एक साथ आए। सरकार की पॉलिसी का जिक्र था, कैसे एटीएम से कितनी रकम निकाली जा सकती है।
– सभी बैंक पब्लिक के लिए बंद हैं। छुट्टी नहीं है, बल्कि उनको ज्यादा काम करना पड़ सकता है।
#मंगलवार, रात 9.40 बजे: आखिरी मैसेज
– आखिरी मैसेज होम मिनिस्ट्री के अफसरों की तरफ से फ्लैश हुआ। इसमें कहा गया कि बुधवार सुबह तक आरबीआई में आम दिनों से 10 गुना ज्यादा कैश जमा हाे सकता है, जिसे आरबीआई आगे भेजेगी।
– इसलिए आम दिनों से कहीं ज्यादा पुलिस बल आरबीआई के बाहर तैनात किया जाए। इसके साथ जो पुलिस टीम पैसा जमा करवाने के लिए आरबीआई की कैश टीम के साथ आती है, उसकी संख्या कम से कम तीन गुना तक बढ़ा दी जाए।