बड़े आराम से 2003 और 2012 में मुख्यमंत्री बन जाते, बस नेताजी के निर्देश का पालन किया – शिवपाल सिंह यादव

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फर्रुखाबाद में कल एक कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह चाहते तो बड़े आराम से 2003 और 2012 में उत्तर प्रदेश मे मुख्यमंत्री बन जाते। पार्टी के विधायक उनके साथ थे।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह आराम से प्रदेश के मुख्ममंत्री बन सकते थे। पार्टी के सभी विधायक भी मेरे साथ थे, लेकिन नेताजी के निर्देश का पालन करता चला आ रहा हूं। उनके निर्देश पर ही मैंने अपने कदम पीछे खींचे थे।

उन्होंने कहा कि यदि हमें मुख्यमंत्री बनना होता तो 2003 में ही बन जाते। नेता जी दिल्ली में थे। सभी विधायक मेरे साथ थे, नेताजी जब तक दिल्ली से आते तब तक वह मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके होते। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताजी की है। कुछ लोग मेहनत से तो कुछ लोग विरासत से मुख्यमंत्री बन जाते हैं और कुछ लोगों को मेहनत के बावजूद कुछ नहीं मिल पाता।

इटावा की जसवंतनगर सीट से विधायक शिवपाल बोले ने कहा कि पार्टी में कुछ लोग चापलूस और चुगलखोर हैं। जब सरकार बन रही थी तब विधायक मेरे साथ थे। अगर मैं चाहता तो मुख्यमंत्री बन सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। नेताजी की पार्टी है। मैं उन्हीं के आदेश का पालन करता चला आ रहा हूं।

शिवपाल सिंह ने कहा कि मैंने गलत कामों का विरोध किया तो मुझे मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार तभी बनेगी जब सभी लोग एक होंगे। शमसाबाद ब्लॉक के गांव मिल्क सुल्तान में अनोखेलाल यादव की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव का दर्द छलक आया। जो लोग अपने माता-पिता और पूर्वजों का सम्मान नहीं करते, समाज में उनकी भी इज्जत नहीं होती। ऐसे लोग तरक्की नहीं कर पाते। वह बोले, सरकार तभी बनेगी जब सभी लोग एक होंगे।

उन्होंने कहा कि मेरा सीएम अखिलेश से कोई झगड़ा नहीं था। गांव से जुड़े अधिकांश विभाग मेरे पास थे। खूब काम हुए। मेरे ऊपर कोई आरोप भी नहीं था। इसके बाबजूद मंत्रिमंडल से हमें बर्खास्त किया गया। हमने सभी काम नेताजी से पूछकर किए। पिछले लोकसभा चुनाव में हार हुई है, क्योंकि सपा सरकार में कुछ लोग गलत कामों में लिप्त थे। मैने आवाज उठाई तो मुझे मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। मेरा झगड़ा अखिलेश यादव से नहीं था। पार्टी की बदनामी हो रही थी तो मैंने आवाज उठाई,

शिवपाल ने कहा यदि हम लोगों में बिखराव न होता तो प्रदेश में सपा की ही सरकार होती। पार्टी में चुगलखोर व चापलूसों की बात सुनी गई, वह अब भी पार्टी में ही हैं। जब तक वह रहेंगे, तब तक एकता नहीं होगी। शिवपाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद छह पार्टियों का महागठबंधन बनाया था, जिसका मुखिया नेता जी को चुना गया। अन्य पार्टियों से भी बात चल रही थी लेकिन विरोध किसने किया ये सब जानते हैं। चुगलखोरों को राज्यसभा व विधान परिषद भेजा गया।

शिवपाल सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने के लिए वह हर जिले का भ्रमण कर रहे हैं। सपा के उपेक्षित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। दो माह से वह भ्रमण पर हैं। भाजपा सरकार पर निशाना साधा कि थानों में झूठे मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। पीडि़तों की सुनवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस सरकार में अन्याय शुरू हो गया है। इसके खिलाफ लडऩा है।

राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव का रुख कांग्रेस प्रत्याशी की ओर होने के संबंध में पूछे जाने पर शिवपाल सिंह ने कहा कि इस संबंध में नेताजी मुलायम सिंह यादव अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। वह नेताजी के आदेश पर वोट देंगे। सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह प्रदेश में भ्रमण कर पुराने समाजवादियों को जोड़ रहे हैं। दो माह में समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनेगा। इसकी रूपरेखा बनायी जा रही है। नेताजी का सम्मान सभी दलों के लोग करते हैं, लेकिन बेटे (अखिलेश यादव) ने नहीं किया। उन्हें विधानसभा चुनाव में हराने का प्रयास किया गया, लेकिन वह चुनाव जीते।