राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शिव थापा को स्वर्ण पदक

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विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा ने मंगलवार को यहां अपना पहला लाइटवेट (60 किग्रा) राष्ट्रीय चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीता|प्रतियोगिता का ओवरआल खिताब सेना खेल नियंत्रण बोर्ड (एसएससीबी) ने जीता जिसके मुक्केबाजों के नाम चार स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक रहे|रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) की टीम दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक के साथ दूसरे स्थान पर रही|

क्वार्टर फाइनल में माथे में चोट लगने के बावजूद खेल रहे शिव ने हरियाणा के एशियाई युवा चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अंकुश दाहिया को 5-0 से हराया| शिव ने मुकाबले के दौरान अपने चोटिल माथे को बखूबी बचाया और प्रतियोगिता में असम के लिए एकमात्र स्वर्ण पदक जीता| अंकुश ने शिव की चोट को लगातार निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली|

दो बार के ओलिंपियन और एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता देवेंद्रो को हालांकि चंडीगढ़ के दीपक सिंह के खिलाफ 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी जो पहली बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे थे|बीस साल के दीपक ने दिन का सबसे बड़ा उलटफेर करने के बाद कहा, ‘‘मुकाबला देवेंद्रो के खिलाफ था इसलिए मुझ पर थोड़ा दबाव था लेकिन मुझे ट्रेनिंग के दौरान की अपनी कड़ी मेहनत पर यकीन था| मैंने 12 साल की उम्र में मुक्केबाजी शुरू की और यह मेरी पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप है| इससे पहले मैंने अंतर विश्वविद्यालय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.’’ उम्मीद के मुताबिक वेल्टरवेट खिताब राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता आरएसपीबीके मनोज कुमार ने जीता| उन्होंने एसएससीबी के दुर्योधन सिंह को 4-1 से हराया|

लाइट फ्लाइवेट वर्ग में भी उलटफेर देखने को मिला जहां पूर्व एशियाई युवा कांस्य पदक विजेता के श्याम कुमार को हरियाणा के अमित ने हराया| लाइट वेल्टरवेट खिताब एसएससीबी के थामस मेईतेई के खाते में गया जिन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में आरएसपीबी के रोहित टोकस को फाइनल में 3-2 से हराया| लाइट हैवीवेट वर्ग में आरएसपीबी के मनीष पंवार ने मध्य प्रदेश के राहुल को 3-2 से हराकर अपना पहला स्वर्ण पदक जीता| स्वर्ण पदक विजेता को 20 हजार रूपये, रजत पदक विजेता को 12000 रूपये जबकि कांस्य पदक विजेताओं को सात हजार रूपये की इनामी राशि मिली|