पहले तलाक, अब बहनोई से हलाला का दबाव बनाया

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पति का लालच एक और महिला पर कहर बनकर टूटा। वह बाइक की मांग कर रहा था। विवाहिता के मायके वाले इंतजाम नहीं कर सके तो उसने तलाक दे दिया। दोबारा अपनाने के लिए वह पति के सामने गिड़गिड़ाती रही। मासूम बेटे का वास्ता दिया मगर पति अड़ा रहा। कह दिया कि दहेज में बाइक तो लानी ही होगी। उसके बाद भी अपनाऊंगा तभी, जब बहनोई के साथ हलाला करोगी। परेशान विवाहिता ने पति की चौखट में दोबारा जाने के लिए तमाम लोगों का दरवाजा खटखटाया, मगर इंसाफ नहीं मिला। अब वह मुख्यमंत्री से मिलने जाएगी।

उत्तराखंड के हल्द्वानी के मोहल्ला तिकोनी चौराहा निवासी बशीर अहमद की बेटी शहनाज का निकाह करीब डेढ़ साल पहले शेरगढ़ थाना निवासी रईस अहमद से हुआ था। शहनाज का कहना है कि निकाह के बाद शौहर एवं ससुरालीजन बाइक दिलाने का दबाव बनाने लगे थे। इसको लेकर आए दिन परेशान करते थे। पांच मई को वह मायके गई तो शौहर ने फोन किया। पिता से बात कराई तो बोला कि बाइक चाहिए।

पिता ने आर्थिक मजबूरी बताई। कहा कि इस वक्त बाइक नहीं दिला सकूंगा। इतने पर रईस अहमद आग बबूला हो गया। फोन पर ही भला बुरा कहने लगा। बोला कि बात नहीं मानने का अंजाम भुगतना होगा। शहनाज के मुताबिक, आठ मई को शौहर की ओर से एक पत्र आया, जिसमें तीन तलाक देने की बात लिखी गई है।

पत्र देखकर सकते में आई शहनाज तुरंत ही ससुराल पहुंच गई। पति से गुजारिश की कि उसे अपने साथ ही रखे। तीन माह के बेटे का वास्ता भी दिया मगर रईस ने साथ रखने साफ मना कर दिया। वह काफी गिड़गिड़ाई तो बोला कि यदि घर में रहना है तो पहले बाइक लेकर आओ। फिर बहनोई से हलाला करना होगा। उसके बाद ही घर में जगह मिल सकेगी।

शहनाज से यह सुना तो हैरत में रह गई। समाज के लोगों व रिश्तेदारों से मदद मांगी ताकि शौहर अपना निर्णय बदल दे मगर कोई नतीजा नहीं निकला। हर दरवाजा उसके लिए बंद हो गया। मासूम बेटे को गोद में लिए शहनाज एक से दूसरी चौखट पर दौड़ती रही। परेशान होकर वह शनिवार को सीओ जोगेंद्र लाल के कार्यालय पहुंची मगर वह नहीं मिले। बोली कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की मांग करुंगी।

source-DJ