शब्बीरपुर जातीय हिंसा: जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

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हाईकोर्ट ने शब्बीरपुर में गत वर्ष मई माह में हुई जातीय हिंसा के पीडि़तों को 11 माह बाद भी मुआवजा न दिए जाने संबंधी अवमानना याचिका पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सहारनपुर के डीएम पीके पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें तीस दिन के अंदर जवाब दाखिल करना है।

हिंसा के बाद सबसे पहले डीएम द्वारा 46 पीडि़तों को प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये स्वीकृत कराए गए थे। इनमें से 25 हजार प्राथमिकी पर, 50 हजार आरोप पत्र दाखिल होने पर जारी किए गए थे। इसके बाद पीडि़त हाईकोर्ट पहुंचे तो कोर्ट ने सभी पीडि़तों के लिए चार-चार लाख रुपये मदद किए जाने के आदेश पारित किए।

इसके बाद किसी के खाते में 75 हजार तथा किसी के खाते में सवा दो लाख रुपये 5 मार्च को डाले गए। वादी मनवीर सिंह को शुरू में 25 हजार, आरोप पत्र दाखिल होने पर 50 हजार तथा हाईकोर्ट के आदेश के बाद 75 हजार रुपये मिले। पांच मई 2017 की घटना के 11 माह बाद भी पीडि़तों को सात दिन के अंदर मिलने वाला मुआवजा अभी नहीं मिला। वादी मनवीर सिंह व श्रीकांत के अनुसार पुलिस प्रशासन ने एक्ट का उल्लंघन किया है। 45 में से 12 पीडि़त तो ऐसे हैं, जिन्हें 13 मार्च को हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी धनराशि आवंटित नही हुई।

मनवीर ङ्क्षसह की अवमानना याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की अदालत ने जिलाधिकारी पीके पांडेय को अवमानना नोटिस जारी किया है।