शशिकला बनाम शशिकला, उत्तराधिकारी को लेकर AIDMK में विवाद बढ़ा

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तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद अन्नाद्रमुक में उनके उत्तराधिकारी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है| पार्टी के महासचिव पद को लेकर दो शशिकला आमने-सामने गई हैं| एक ओर शशिकला नटराजन (चिन्म्मा) हैं जिनको महासचिव बनाने को लेकर आम सहमति बनती दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर बागी नेता शशिकला पुष्पा हैं जिन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में इसी मुद्दे को लेकर याचिका लगाई है|
बागी शशिकला पुष्पा ने गुरुवार को धमकी दे डाली कि वे पार्टी महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ेंगी| उन्होंने दावा किया कि पार्टी के 75 फीसदी कार्यकर्ता चिनम्मा शशिकला नटराजन को पार्टी प्रमुख बनाए जाने के खिलाफ हैं क्योंकि अम्मा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था|गौरतलब है कि जयललिता मुख्यमंत्री के साथ ही महासचिव भी थीं लेकिन अब सीएम बने पन्नीरसेल्वम और अन्य नेताओं ने चिनम्मा से महासचिव बनने की अपील की है|

महासचिव पद को लेकर एआईडीएमके ने भी अदालत का रुख कर लिया है| पार्टी ने मद्रास उच्च न्यायालय मे अन्नाद्रमुक को दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की सहयोगी वीके शशिकला को पार्टी महासचिव नियुक्त करने से रोकने की मांग संबंधी राज्यसभा सदस्य शशिकला पुष्पा की अर्जी को खारिज करने के लिए याचिका दायर की है|पुष्पा ने अपनी अर्जी में कहा है कि अन्नाद्रमुक के उपनियमों के मुताबिक महासचिव पद का चुनाव लड़ने की प्राथमिक अर्हता यह है कि उम्मीदवार अवश्य ही लगातार पांच सालों तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य रहा हो और शशिकला इस नियम पर खरा नहीं उतरतीं|

जब अन्नाद्रमुक के वकील ने अदालत पहुंचने के पुष्पा की हैसियत पर सवाल उठाया था क्योंकि वह पहले ही पार्टी से बख्रास्त कर दी गई हैं, तब पुष्पा के वकील ने कहा कि पार्टी से निष्कासन की जानकारी आधिकारिक संवाद से भिन्न है. जब अन्नाद्रमुक के वकील ने कहा कि क्यों पुष्पा ने अपने निष्कासन को चुनौती नहीं दी, तब उनके वकील ने कहा कि जब निष्कासन का आधिकारिक आदेश जारी किया गया हो, तभी केवल उसे चुनौती दी जा सकती है| मूर्ति ने कहा कि पार्टी से अपने निष्कासन की सूचना मिलने भर से पुष्पा वाद दायर करने की अपनी हैसियत गंवा बैठीं|

इतना ही नहीं, जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार भी पार्टी में शशिकला नटराजन की मजबूत होती पकड़ को लेकर खुश नहीं है और सार्वजनिक तौर पर अपनी नाखुशी जाहिर कर चुकी हैं| दीपा जयललिता के इकलौते भाई जयकुमार की बेटी हैं| दीपा खुले तौर पर अपनी बुआ की विरासत को संभालने की अपनी ख्वाहिश को जाहिर कर चुकी हैं|जयललिता के अंतिम संस्कार के समय दीपा मौजूद थीं, लेकिन वहां उन्हें कोई भूमिका नहीं निभाने दी गई| सिर्फ दीपा के भाई दीपक को जयललिता का अंतिम संस्कार करने दिया गया था|