शशिकला से पार्टी की कमान संभालने का आग्रह किया जा रहा है : AIADMK

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तमिलनाडु सरकार ने जयललिता के निधन के बाद पहली बार आधिकारिक बैठक की है| सत्ताधारी पार्टी AIADMK में चल रही गहमागहमी में जयललिता की पुरानी साथी शशिकला नटराजन पर सबकी नज़रें टिकी हैं जो कि पार्टी में एक अहम रोल निभाती नज़र आ रही हैं| पूर्व सीएम के निधन के बाद नए सीएम ओ पन्नीरसेल्वम समेत वरिष्ठ मंत्री लगातार शशिकला नटराजन से मिलने उनके पोयस गार्डन निवास पर पहुंच रहे हैं जहां वह जयललिता के साथ रहती थीं|

शशिकला के साथ पार्टी नेताओं की लगातार बैठकों में AIADMK को कुछ गलत नज़र नहीं आता| नटराजन इस हफ्ते कुछ ऐसा करती दिखीं जिससे लगता है कि AIADMK में आधिकारिक रूप से किसी अहम रोल के लिए चुने जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी|पार्टी ने कहा है कि जल्द ही महासचिव की कुर्सी के लिए किसी को चुन लिया जाएगा जिस पर पिछले 27 सालों से जयललिता बैठ रही थीं|पार्टी के प्रवक्ता सी पोन्नाईयन ने कहा है कि हम एक काबिल व्यक्ति का चुनाव करेंगे जो काडर का भी ख्याल रखे और अम्मा के कदमों पर चले|बता दें अम्मा इस साल सितंबर से अस्पताल में भर्ती थीं और सोमवार की रात उनका निधन हो गया| बताया जा रहा है कि जब तक जयललिता अस्पताल में थीं|

शशिकला ने ही उनके इलाज से संबंधित सभी फैसले लिए| पार्टी सदस्यों के मुताबिक शशिकला ने  जयललिता की मृत्यु के कुछ घंटे पहले ओ पन्नीरसेल्वम को नए सीएम चुने जाने के फैसले पर काफी असर डाला था|जयललिता के अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी विधियां भी नटराजन ने ही पूरी की थी| पीएम मोदी और अन्य अहम शख्सियतों के आगमन पर भी वह मौजूद थीं|उधर किसी ज़माने में वीडियो पार्लर चलाने वाली शशिकला को नए मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट द्वारा इतनी तवज्जो दिया जाना आलोचना के घेरे में भी आ रहा है| पार्टी के लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे है|हालांकि पार्टी प्रवक्ता पोन्नाइयन से जब पूछा गया कि क्या नई सरकार अब सीधे नटराजन को रिपोर्ट कर रही है तो जवाब था – AIADMK सदस्य से मिलने में क्या बुराई है|शुक्रवार को नटराजन ने जयललिता की समाधि के दर्शन किए जो कि एमजी रामचंद्रन की समाधि के पास ही बनाई गई है| शशिकला के साथ मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम भी गए थे लेकिन वह दूर ही खड़े थे|तो क्या नटराजन का नाम महासचिव के तौर पर लिया जाना तय है, इस पर पार्टी प्रवक्ता ने कहा है कि AIADMK जल्द ही महासचिव का चुनाव करेगी, जो भी नाम उछाले जा रहे हैं वह सब अफवाह है|इसी साल मई में जयललिता की लोकप्रियता तब और साफ हो गई जब एक बार फिर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी विजेता बनकर सामने आई| उनकी पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में आई जो कि इस राज्य के लिए ऐतिहासिक था क्योंकि पिछले तीस सालों में राज्य में कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं आ पाई|