देवरिया के शराब व्यवसाई संजय केडिया घर घापेमारी के जानकारी लीक करने वाले पुलिस के बड़े अधिकारी

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कथित तौर पर अपनी दूसरी पत्नी के ऊपर जानलेवा हमला करवाने के आरोपी जिले के शराब व्यवसायी संजय केडिया तो फिलहाल वो लखनऊ पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं लेकिन बीते रविवार को देवरिया स्थित संजय के आवास केडिया हाउस पर जब लखनऊ पुलिस ने प्रामाणिक सुचना के बाद जब छापा मारा था तो वो वहां नही मिला था। छापेमारी की सूचना कैसे लिक हुई इस पर पुलिस टीम ने जब मंथन किया तो देवरिया के एक बड़े पुलिस अधिकारी इस मामले में फंस गए। बड़ी ही खामोशी से उन अधिकारी को सजा देते हुए शासन ने उन्हें वाराणसी के आईजी कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है।

 चलिए इनका नाम और पद भी आपको बता ही देते हैं। ये हैं देवरिया के निवर्तमान अपर पुलिस अधीक्षक एन के सिंह, नाम सुनकर आप चैंक गए होंगे कि क्या इतने बड़े रैंक का अधिकारी भी अपराधियों से कोई साँठगाँठ करेगा। जी हाँ आमलोगों ने भी यही सोचा लेकिन खुद पुलिस की अन्दरूनी जाँच में ऐसा ही कुछ सामने आया है। पुलिस के बड़े अधिकारी अभी इस मामले में कुछ बोलने से कतरा रहे हैं लेकिन अन्दरूनी सूत्रों की माने तो एएसपी एन के सिंह इसी मामले में सर्विसलान्स की मदद से मामले की जद में आए हैं।
कहा जा रहा है कि जब लखनऊ पुलिस ने देवरिया आने की अपनी गोपनीय सूचना जिले के पुलिस अधिकारियों को दी तो इन्होंने ही मोबाइल के जरिए अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कराकर देवरिया में छिपे संजय केडिया को देवरिया छोड़ने की सलाह दे दी और उसके बाद संजय भूमिगत हो गया लेकिन मोबाइल ने ही उसे दूसरे ही दिन लखनऊ में पकड़वाने में पुलिस को सफलता दिलवा दी। बताया जा रहा है कि संजय को गिरफ्तार करने के बाद उससे हुई पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आयी है।
संजय केडिया द्वारा मोनिका सिंह पर जानलेवा हमला कराने के कथित आरोपों की पड़ताल तो पुलिस कर ही रही है साथ ही शराब तस्करी के कई मामलों पर भी छानबीन शुरु हो गयी है। केडिया से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस समय बड़े शराब व्यवसायी चड्ढा ग्रुप का पूर्वान्चल में पूरे शराब के कारोबार संजय केडिया के पास था। इस ग्रुप से जुड़े लोग संजय के प्रभाव के कारण शराब की कई दुकानो का संचालन करते हैं।
सूत्रों की माने तो संजय के पकड़ में आने के बाद बिहार प्रान्त में शराब बन्दी के बाद वहां तस्करी कर ले जाए जा रहे शराब के खेल पर भी वर्तमान में ग्रहण लगा दिख रहा है । सूत्र बताते हैं कि संजय के मार्फत ही प्रतिदिन शराब की एक बड़ी खेप देवरिया और कुशीनगर की सीमाओं से बिहार के सुदूर क्षेत्रों में जाती रही है। माफिया से जुड़े सूत्रों की माने तो संजय को हाल के दिनों में बिहार सीमा से सटे कुशीनगर के सलेमगढ़ टोल बूथ के पास देखा गया है।
कहा जाता है कि यहीं से वो बिहार के शराब माफिया की डीलिंग किया करता था उससे जुड़े लोग तो यहां तक कहते हैं कि इसी टोल बूथ के पास होने वाली मीटिंग में बिहार के सिवान, गोपालगंज जैसे सीमावर्ती जिलों से लेकर मुजफ्फरपुर तक के माफिया जुटते रहे हैं और पुलिस को इस जमावड़े की पूरी जानकारी रहा करती थी। देवरिया के एएसपी पर संजय के साथ दोस्ताना सम्बन्ध रखने का आरोप लगने के बाद उनके ऊपर हुई कार्यवाही से महकमे से जुड़े कई लोगों को सांप सा सूंघ गया है। कोई इस बात की चर्चा तक करने को तैयार नहीं।
Input Source:Patrika