अखिलेश-शिवपाल झड़प से बेनतीजा खत्म हुई मुलायम की बुलाई सपा की ‘डैमेज कंट्रोल’ बैठक

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उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ ‘समाजवादी परिवार’ में चरम पर पहुंच चुकी वर्चस्व की जंग पर विराम लगाने के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की ओर से सोमवार को बुलाई गई बैठक आरोपों, तल्ख नसीहतों और अप्रत्याशित झड़प के बीच बेनतीजा समाप्त हो गई. इसके साथ ही पार्टी में जारी गतिरोध ना सिर्फ और बढ़ गया बल्कि ‘चाचा-भतीजे’ के बीच तल्खी की खाई और गहरी हो गई.

मीडियाकर्मियों की गैरमौजूदगी में इस बैठक में हुई सिर फुटव्वल के सार्वजनिक हो जाने के बाद देर शाम ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश के तहत शिवपाल अखिलेश के घर गए और उनके साथ एक ही कार में बैठकर सपा मुखिया से मिलने पहुंचे. हालांकि इस मुलाकात का ब्यौरा नहीं मिल सका है, लेकिन खबर है कि मुलायम दांत में तेज दर्द के बाद घर पर आराम कर रहे थे. दो डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है.

शिवपाल ने छीना अखिलेश से माइक, कहा-गुंडई नहीं चलेगी

इससे पहले पार्टी राज्य मुख्यालय पर हुई बैठक में अखिलेश और शिवपाल के बीच तल्खी खुलकर सामने आ गई. सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की ओर बुलाई गई विधायकों, मंत्रियों, विधान परिषद सदस्यों और दूसरे वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक में शिवपाल ने अखिलेश से माइक छीन लिया और कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं.

आशु मलिक की पिटाई, सीएम अखिलेश ने बचाया

बैठक में सपा मुखिया का सम्बोधन खत्म होने के बाद अखिलेश ने कुछ समय पहले एक अंग्रेजी दैनिक में छपी खबर में खुद को ‘औरंगजेब’ बताए जाने पर स्पष्टीकरण के लिए विधान परिषद सदस्य आशु मलिक को बुलाया. इस दौरान जब अखिलेश कुछ कहने लगे, तभी उनसे माइक छीन लिया गया. बाद में अखिलेश के साथ बाहर निकले आशु मलिक ने कहा कि दो मंत्रियों ने उन पर हमला किया और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें बचाया.

सपा मुख्यालय में अखिलेश-शिवपाल के समर्थकों में मारपीट

सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और उनके समर्थक तीन अन्य मंत्रियों की बर्खास्तगी और अखिलेश यादव के हिमायती वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के निष्कासन के बाद अखिलेश और शिवपाल गुटों के बीच तल्खी के चरम पर पहुंचने के बाद बुलाई गई इस बैठक के दौरान सपा राज्य मुख्यालय के बाहर अखिलेश और शिवपाल के समर्थकों के बीच मारपीट हुई.

अमर सिंह को समर्थन में उतरे शिवपाल-मुलायम

शिवपाल ने परिवार में जारी खींचतान के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे सपा के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह का खुला समर्थन करते हुए कहा कि साल 2003 में उन्होंने प्रदेश में सपा की सरकार बनवाई थी और इसमें अमर सिंह ने सहयोग दिया था. अमर सिंह के विरोधियों खासकर सपा से निष्कासित किए गए पूर्व वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव की तरफ इशारा करते हुए शिवपाल ने कहा ‘‘अमर सिंह के चरणों की धूल भी नहीं हो तुम लोग.’’

मुलायम ने अखिलेश को याद दिलाई हैसियत

सपा मुखिया ने दोनों को सुनने के बाद बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं अमर सिंह और शिवपाल के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता. अमर सिंह मेरा भाई है. उसने मुझे जेल जाने से बचाया और तुम (अखिलेश) अमर सिंह को गाली देते हो.’’ सपा मुखिया ने अखिलेश पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘क्या है तुम्हारी हैसियत, मैं जानता हूं. क्या तुम अकेले चुनाव जीत सकते हो?’’ हालांकि यह बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई, लेकिन मुलायम ने एक स्पष्ट संदेश जरूर दिया कि अगर किसी को सपा में रहना है, तो उसे सपा का बनकर रहना होगा. पार्टी में वही होगा, जो वो कहेंगे.

लाल टोपी पहनने से कोई समाजवादी नहीं हो जाता

सपा मुखिया ने कहा कि केवल लाल टोपी (पार्टी की टोपी) पहन लेने से कोई समाजवादी नहीं हो जाता. तुम्हारी आलोचना करने वाला ही तुम्हारा असली मित्र है. जो आलोचना सुनकर सुधार नहीं करता, वह कभी बड़ा नेता नहीं बन सकता. उन्होंने कहा, ‘‘हम कठिन दौर का सामना कर रहे हैं. हमें अपनी कमजोरियां दूर करनी चाहिए और एक दूसरे के खिलाफ लड़ना झगड़ना नहीं चाहिए.’’