महागठबंधन खटाई में! एमपी में सपा ने भी किया कांग्रेस से किनारा, 6 उम्मीदवार घोषित किए

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मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का भी ऐलान हो गया है लेकिन इन राज्यों में कांग्रेस की गठबंधन को लेकर किसी से बात नहीं बन पा रही है। खासकर एमपी के लिए माना जा रहा था कि यहां पर कांग्रेस अपने साथ बसपा और सपा जैसे दलों को लेकर चलेगी लेकिन पहले बसपा और अब सपा दोनों ने ही कांग्रेस से किनारा कर लिया है।

कुछ दिनों पहले ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए एमपी में अकेले लड़ने का ऐलान किया था और अब समाजवादी पार्टी ने भी मध्य प्रदेश चुनाव के लिए अपने 6 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन नहीं हो पाया है। समाजवादी पार्टी ने सीधी, निवाड़ी, परसवाड़ा, बालाघाट, पन्ना और बुधनी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

बताते चलें कि जब मायावती ने कांग्रेस से अलग चलने का फैसला कर लिया था तभी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था गठबंधन की जिम्मेदारी कांग्रेस की है और बड़ी पार्टी होने के नाते उसे बड़ा दिल दिखाना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा था कि कांग्रेस ने हमें काफी इंतजार करवाया है। हम बसपा के साथ बातचीत करेंगे। यदि कांग्रेस उनके साथ गठबंधन करना चाहती है तो वह खुद कोशिश करे। फिलहाल उनकी पार्टी का कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है।

उधर कांग्रेस ने कहा था कि उनकी समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत चल रही है। बसपा के बारे में कांग्रेस के एमपी अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा था कि बसपा ने जिन सीटों की हमें सूची दी थी वहां उसके जीतने के कोई आसार नहीं थे और जिन सीटों पर वह चुनाव जीत सकते थे उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया था।

अभी जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं उनमें कांग्रेस मजबूत स्थिति में है और सपा-बसपा जैसे दलों का अस्तित्व नगण्य है, इसीलिए कांग्रेस इन्हें तवज्जो भी नहीं दे रही है, लेकिन जब बात यूपी की होगी सबसे कमजोर स्थिति में कांग्रेस होगी। अगर कांग्रेस अभी से इन दलों को उपेक्षित करती चलेगी तो यूपी में आगामी लोकसभा के लिए चुनावी महागठबंधन हो पाएगा यह कह पाना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसा हुआ तो कांग्रेस के लिए ही परेशानी होगी क्योंकि इतना तो वह जानती ही होगी कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है।