समाजवादी पार्टी में अंबेडकर जयंती मनाने की तैयारी जोरों पर

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लोकसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी के साथ तालमेल के बाद समाजवादी पार्टी अब 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रही है. समाजवादी पार्टी अभी तकराम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्रा जैसे समाजवादी विचारधारा के नेताओ की जयंती समारोह बहुत धूमधाम से मनाती रही है. लेकिन अब पार्टी ने सभी जिला इकाईयों को निर्देश दिया है कि वह पार्टी मुख्यालयों या किसी सार्वजनिक स्थल पर अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनायें.

लखनऊ विश्वविदयालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख रमेश दीक्षित के अनुसार ‘सामाजिक न्याय के पक्षधर सभी दल एक प्लेटफार्म पर आ रहे हैं, इन दलो का यह आपसी सहयोग से उठाया गया कदम विरोधियों की हार का कारण बनेगा. इससे इन दलो के आपसी संबंध भी मजबूत होंगे.’’ समाजवादी पार्टी अभी तक अंबेडकर जयंती पर एक सामान्य आयोजन करती थी लेकिन इस बार उसने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिये है कि वह भव्य आयोजन करे और उसमें बाबा साहेब के कार्यो के बारे में विस्तार से जानकारी दें.

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बताया कि बाबा साहेब आंबेडकर की 127 वां जन्मोत्सव 14 अप्रैल को है. पार्टी के सभी जिला मुख्यालयो को निर्देशित किया गया है कि वह बाबा साहेब के जन्मोत्सव पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन करे और श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनके कार्यो के बारे मे कार्यकर्ताओ और जनता को जानकारी दे.

हालांकि बहुजन समाज पार्टी प्रत्येक वर्ष बाबा साहेब की जयंती बड़े धूम धाम से मनाती है और पार्टी सुप्रीमो मायावती और पार्टी कार्यकर्ता बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते है और उन्हें याद करते है.

पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘ऐसा कहना गलत होगा कि हम पहली बार अंबेडकर जयंती मना रहे है. पार्टी हमेशा बाबा साहेब के जन्मोत्सव और पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रध्दांजलि देती है. हम उन्हें सम्मान पूर्वक याद करते है.’ भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि ‘यह एक बड़ा नाटक है. सपा ने जबसे हाथी (बसपा का चुनाव चिन्ह) को दोस्त बनाया है, तब से इन्हें दलितो की चिंता हो गयी है. लेकिन प्रदेश के दलित उस दिन को नही भूले है जब 2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे और किस तरह से उनकी झोपडियां और घर जला दिये गये थे.’