सहारनपुर हिंसा के आरोपी रावण के परिवार का संगठन में दखल खत्म

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सहारनपुर हिंसा के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण के किसी भी परिजन का संगठन में अब कोई दखल नहीं होगा। संगठन के किसी भी कार्यक्रम या बैठक में भी राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप नहीं होगा। माना जा रहा है कि निगाहें संगठन समेत कई समर्थकों के उंगली उठाने के बाद खुद रावण ने विवादों से बचने के लिए आर्मी से अपने परिवार को अलग करना मुनासिब समझा। दरअसल रावण के जेल जाने के बाद से ही उसकी मां और भाई आंदोलन को लीड कर रहे थे। यहां तक कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भी रावण के परिवार का ही दबदबा रहा।

भीम आर्मी उत्तराखंड के प्रभारी महक सिंह ने को जागरण को फोन पर यह जानकारी दी। बताया कि रावण के निर्देश पर ही उनके परिवार का आर्मी में किसी भी तरह का दखल खत्म कर दिया गया है। रावण की मां कमलेश, बड़ा भाई भगत व बहन पूनम आर्मी के सदस्य नहीं हैं। छोटा भाई कमल किशोर सदस्य है, पर उसे भी हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। तय हुआ है कि अब किसी भी दल के नेताओं के कहने पर किसी कार्यक्रम में आर्मी भाग नहीं लेगी। जेल में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई होने तक भी कोई बड़ा आन्दोलन नहीं होगा।