किसानों को उचित मूल्य दिलाने को जल्द संशोधित कानून लागू होगा: स्वाति सिंह

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गुरुवार को अपने विभाग के छह माह के कामकाज का ब्योरा पेश करते हुए कृषि निर्यात एवं विदेश व्यापार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और मंडी समितियों का एकाधिकार तोड़ने के मकसद से केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित एग्रीकल्चर प्रोड्यूस एंड लाइवस्टॉक मार्केटिंग (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2017 को प्रदेश की जरूरत के मुताबिक आवश्यक संशोधनों के साथ लागू
करने की जानकारी दी|

उन्होंने बताया कि अपेक्षित संशोधनों के साथ एपीएलएम एक्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस एक्ट के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए वर्तमान में कार्यरत मंडी समितियों के साथ-साथ निजी मंडियों की सुविधा उपलब्ध होगी। उपभोक्ताओं को भी सीधे विक्रय की सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि मंडी परिषद 7784 किमी संपर्क मार्गों को 882 करोड़ रुपये के खर्च से गड्ढामुक्त करा रहा है। अगले वर्ष 31 मार्च तक मंडी परिषद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। मंडी परिषद को पहली छमाही में पिछले साल के सापेक्ष 116 करोड़ रुपये की अधिक आय हुई है।

स्वाती ने कहा कि पिछली सरकारों में कुछ ऐसी मंडियां बनायी गईं जो किसी काम की नहीं हैं। उनमें दुकानें इतनी महंगी हैं कि किसान चाहकर भी उन्हें ले नहीं पा रहे हैं। बुंदेलखंड में ऐसी जगह मंडियां बनायी गईं जो किसानों के लिए उपयोगी नहीं हैं।

पिछली सरकारों के कार्यकाल में मंडी परिषद कंस्ट्रक्शन कंपनी बन गई थी जहां नियम-कायदे को ताक पर रखकर सड़कें और भवन बनवाये गए। योगी सरकार इन अनुपयोगी मंडियों का विकल्प तलाश रही है। उन्होंने बताया कि 66 मंडी समिति स्थलों में 360 करोड़ रुपये की धनराशि से 31 मार्च तक आंतरिक विकास कार्य की योजना बनायी गई है।

एक हफ्ते में सुधारेंगे दुबग्गा मंडी की हालत: एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राजधानी के दुबग्गा क्षेत्र की मंडी की बदहाली एक हफ्ते में दूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मंडियों में खाली जमीन है, वहां किसानों के लिए चबूतरे बनवाये जाएंगे ताकि किसान उन पर बैठकर अपनी उपज बेच सकें।