रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज ऑप्शनल है, कम्पलसरी नहीं

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रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज को लेकर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने साफ कहा कि रेस्टोरेंट के बिल में लगने वाला सर्विस चार्ज ऑप्शनल है, मेंडेटरी नहीं। सर्विस पसंद नहीं आई तो आप सर्विस चार्ज देने से इनकार कर सकते हैं|
कंज्यूमर राइट्स एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा आप आज से ही कर सकते हैं। अगर विवाद होता है तो आप इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बता दें कि, रेस्टोरेंट सर्विस टैक्स अलावा 5 से 20% सर्विस चार्ज भी वसूल रहे हैं। मंत्रालय के मुताबिक, सर्विस चार्ज को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं|
Q. कितना सर्विस चार्ज जुड़ा होता है बिल में?
A. अलग-अलग होता है। 5% से 20% तक।
Q. सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स एक ही होता है?
A. नहीं। ये दोनों अलग-अलग होते हैं।
Q. सर्विस चार्ज क्या होता है?
A. सर्विस चार्ज को आप साधारण भाषा में ‘टिप’ भी कह सकते हैं। होटल या रेस्टोरेंट दावा करते हैं कि वो ये पैसा अपने स्टाफ को डिस्ट्रीब्यूट करते हैं।
Q. राज्य सरकारों को क्या करना होगा?
A. बड़ी कंपनियों, होटलों या रेस्टोरेंट्स को केंद्र के फैसले की जानकारी देनी होगी। राज्य सरकारें इस कानून को मानने के लिए बाध्य हैं।
Q. अगर मैं आज ही रेस्टोरेंट जाऊं तो क्या वहां सर्विस जार्च देने से मना कर सकता हूं।
A. कंज्यूमर राइट्स के वकील अजय बग्गा के मुताबिक, आप आज से ही सर्विस टैक्स देने से मना कर सकते हैं। अगर विवाद हो तो आप इसकी शिकायत कंज्यूमर फोरम, जिले के कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर से कर सकते हैं। आप core.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
Q. बिल में दूसरे टैक्स भी होते हैं?
A. हां। 12.5% वैट, 5. 6% सर्विस टैक्स। 1 जून से इस पर 0.5% कृषि कल्याण सेस भी लगाया जा रहा है।
Q. सर्विस टैक्स कितना होता है?
A. सर्विस टैक्स टोटल बिल अमाउंट का 5.6% ही हो सकता है। इससे ज्यादा नहीं। ये कम्पलसरी है। यानी आपको देना ही होगा।
Q. क्या कहा कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने?
A. कोई भी कंपनी, होटल या रेस्टोरेंट कंज्यूमर्स से जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं ले सकता।
Q. मेरे लिए किस तरह फायदेमंद?
A. अगर किसी होटल या रेस्टोरेंट की सर्विस या क्वॉलिटी से खुश नहीं तो सर्विस चार्ज ना दें। क्योंकि, ये ऑप्शनल है। मेंडेटरी यानी कम्पलसरी नहीं।
Q. अगर कंपनी, होटल या रेस्टोरेंट फिर भी मांगे तो?
A. इसकी शिकायत, कंज्यूमर फोरम में की जा सकती है।
Q. होटल या रेस्टोरेंट्स को क्या ऑर्डर?
A. अब इन्हें नोटिस बोर्ड या बाकी जगहों पर सर्विस चार्ज पर सरकार के ऑर्डर की जानकारी देनी होगी।
Q. क्या ये नया फैसला है?
A. नहीं, सर्विस चार्ज पर ये नियम पहले से था। लेकिन, कुछ होटल्स और रेस्टोरेंट्स जबरदस्ती सर्विस चार्ज वसूल रहे थे। इसकी शिकायत
मिनिस्ट्री से हुई तो यह स्पष्टीकरण जारी किया गया।
Q. कहां करें शिकायत?
A. अगर आप देश के 28 राज्यों में से कहीं भी हैं तो सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर तय किए हैं, जहां आप मौके से ही शिकायत कर सकते हैं।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के मुताबिक, अगर किसी कंज्यूमर को गलत तरीके से सर्विस के बदले पैसा देने के लिए मजबूर किया जाता है तो वह इसकी शिकायत कंज्यूमर फोरम से कर सकता है|
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के प्रेसिडेंट रियाज अमलानी ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि सर्विस चार्ज को ऑप्शनल करने के फैसले से देश में फूड सर्विस इंडस्ट्रीज में काम करने वाले करीब 85 लाख इम्प्लाॅइज को बहुत बड़ा नुकसान होगा।यह सिर्फ मालिक के लिए नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट में काम करने वाले सभी इम्प्लाॅइज के लिए है। इनमें बर्तन धोने वाला, केयरटेकर,साफ-सफाई करने वाला वो सभी लोग शामिल हैं जो सर्विस चार्ज पर डिपेंड हैं|