क्राइम ब्रांच की छापेमारी में 13.65 करोड़ रुपये बरामद

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दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 इलाके में एक लॉ फर्म के दफ्तर पर छापेमारी कर करीब 13.65 करोड़ रुपये बरामद हुए, ज‌िसमें 2.60 करोड़ रुपए के नए नोट हैं।एसीपी संजय शहरावत ने बताया कि हमें छापेमारी में 13.65 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं, जिसमें ढाई करोड़ के नए नोट हैं।पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्म के आश्रम और गुड़गांव के ठिकानों पर भी छापा मारा। देर रात तक फर्म के मालिक के छतरपुर स्थित घर पर छापेमारी जारी थी। सूत्रों के मुताबिक करीब 20 दिन पहले ऑफिस में आयकर विभाग ने छापा मारा था। उस समय 1.25 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे|

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें गेट्रर कैलाश के आर 89 के प्रथम तल पर स्थित लॉ फर्म टी एंड टी के दफ्तर में करोड़ों रुपये कालाधन छुपाने की जानकारी मिली थी, जिन्हें हवाला के जरिये कहीं और भेजा जाना था।क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची तो यह देखकर हैरान रह गई कि नोटों को रखने के लिए प्रथम तल स्थित लॉ दफ्तर के भीतर ही एक गोदाम बना दिया गया था। इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरों के साथ गार्ड द्वारा की जा रही थी। छापेमारी के दौरान मौके पर केवल गार्ड मिला|

गोदाम में 100, 500 और 2000 के नए और पुराने नोट आलमारियों के साथ ही ट्राली बैगों में रखे मिले। लगभग 10 करोड़ में ढाई करोड़ रुपये से अधिक रुपये के नए नोट थे। क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव के मुताबिक फर्म के अन्य ठिकानों पर भी करोड़ों रुपये रखे जाने की सूचना है। छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। सूत्रों के मुताबिक इस फर्म के देश के अन्य राज्यों के साथ ही विदेश में भी दफ्तर है। इससे पहले बैंक में जमा करने जा रहे कश्मीरी गेट के एक ज्वैलर्स से दिल्ली पुलिस ने 3.70 करोड़ रुपये बरामद किए थे।छापेमारी के लिए जब क्राइम ब्रांच की टीम टी एंड टी के दफ्तर में पहुंची तो यह देखकर हैरान रह गई कि नोटों को रखने के लिए प्रथम तल स्थित लॉ दफ्तर के भीतर ही एक अलग गोदाम बना दिया गया था। गोदाम में अलग अलग अलमारियों और बैग में रुपये भरे पड़े थे। इनमें एक हजार रुपये के नोटों की कई गड्डियां बड़े करीने से लगाई गई थीं। यही नहीं कई गत्ते भी मिले जिनमें नोट भरे पड़े थे। जिसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरों के साथ ही गार्ड के द्वारा की जा रही थी। छापेमारी के दौरान मौके पर केवल गार्ड ही मिला। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं छापे की सूचना लीक तो नहीं हो गई थी। या फिर यह भी हो सकता है कि फर्म के मालिक किसी प्रकार के झमेले से बचने के लिए दूर से ही गोदाम की निगरानी कर रहे हों|