सोमवार से रीयल एस्टेट कानून लागू, उल्लंघन पर बिल्डर को तीन साल तक की जेल

11
SHARE

सोमवार से देश भर में रीयल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट लागू हो रहा है। इस एक्ट के लागू होने के बाद फ्लैट के खरीददारों को बड़ी राहत मिलेगी, मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि कानून लागू होने के बाद बिल्डर किसी भी हालत में खरीददार से धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा। एक्ट में प्रावधान है कि बिल्डर खरीददार से समझौता करते वक्त ही यह बता देगा कि फ्लैट कब तक उसे सौंप देगा। इससे बिल्डर व खरीददार के बीच किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं बचेगी। पजेशन देने या लेने में देरी होने पर बिल्डर या खरीददार को स्टेट बैंक के रेट ऑफ इंटरेस्ट से दो फीसदी अधिक ब्याज देना होगा। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अगर शर्तों का उल्लंघन किया गया तो बिल्डर को तीन साल तक की जेल भी हो सकती है।

पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रीयल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट पर मुहर लगा दी थी। इसके बाद एक्ट के 59 प्रावधान एक मई 2016 को लागू भी हो गए थे। इस बीच, एक्ट के अधीन कानूनों का निर्माण होने के साथ रीयल एस्टेट अथारिटी के गठन समेत दूसरी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। बचे 32 प्रावधानों के एक मई 2017 से लागू होने के साथ पूरा एक्ट व्यवहार में आ गया है। मंत्रालय ने नए मॉडल कानून को सभी राज्यों को भेज दिया गया है।

नए प्रावधानों के अनुसार सभी बिल्डरों को जुलाई आखिर तक पहले से चल रहे और नए आवासीय प्रोजेक्ट को रीयल एस्टेट अथॉरिटी में पंजीकरण कराना होगा। वहीं, हर प्रोजेक्ट का अथॉरिटी से सेक्शन प्लान और लेआउट प्लान अपनी वेबसाइट के साथ सभी कार्यालयों की साइट्स पर छह वर्ग फीट के बोर्ड पर लगाना होगा। इसके बाद ही बिल्डर फ्लैट की बुकिंग शुरू कर सकेगा।

केंद्रीय आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के अधिकारी ने बताया इस प्रावधान से फ्लैट या प्लॉट की बुकिंग करने से पहले ही बायर्स को प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी मिल जाएगी। बाद में बिल्डर इसमें कोई हेराफेरी नहीं कर सकता।