राम मंदिर तो अयोध्या में ही बनेगा, मस्जिद कहीं भी बन सकती हैः स्वामी

13
SHARE

भाजपा नेता डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि रामलला के जन्म स्थल अयोध्या में ही राम मंदिर बनेगा। वर्ष 2018 अप्रैल के बाद मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जरुरत हुई तो जिस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने शाहबानो केस में विशेष अध्यादेश लाया था उसी तर्ज पर मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 तक मथुरा व काशी में भी मंदिर का निर्माण कार्य कराया जाएगा। मुगलकाल में चालीस हजार मंदिरों को तोडऩे का काम किया गया था। हमें अभी तीन मंदिर के निर्माण की बात कर रहे हैं।
गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचे डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोनारी विमानतल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 2003 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्पष्ट हो गया कि  अयोध्या में पूर्व से ही राम मंदिर था।

कोर्ट में पुरातत्व विभाग ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख है कि उस स्थल पर पहले से मंदिर था और मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनायी गई थी। उन्होंने कहा कि मस्जिद तो कहीं भी बन सकती है। नमाज तो रोड पर या घर में भी पढ़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में सरयू  नदी के उस पार मस्जिद का निर्माण हो। उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के हाल के सुझाव पर डा. स्वामी ने कहा कि मुस्लिम संगठनों के लोगों से कई दौरा की बातें  हुई है। वहां मंदिर बने, इस बात पर मुस्लिम संगठनों को एतराज नहीं है लेकिन वे कोर्ट से बाहर समझौते को तैयार नहीं हैं।

शेर को बनाया यूपी का मुख्यमंत्री 
वरिष्ठ भाजपा नेता सह राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ने शेर को मुख्यमंत्री बनाया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का तेजी से विकास होगा।