राम जन्मभूमि-बाबरी केस की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी केस में पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस पर सभी संबंधित पक्ष मिलकर बैठें और आम राय बनाएं। अगर इस मामले पर होने वाली बातचीत नाकाम रहती है तो हम दखल देंगे और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मीडिएटर अप्वाइंट करेंगे।

शुक्रवार को इस सुनवाई में सभी पक्ष अपनी-अपनी राय देंगे।

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा था, “राम मंदिर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि वह लाखों-करोड़ाें लोगों की आस्था का मामला है। यह बेहतरीन सलाह है। समस्या के समाधान के लिए इससे बेहतर परामर्श नहीं हो सकता था।”
केंद्रीय कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी बोले थे कि मामला दोनों पक्षों की सहमति से सुलझ जाए तो बेहतर है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की ये पहल सराहनीय है।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा था, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। उम्मीद है कि मसले का कोर्ट के बाहर हल निकल सकेगा।”
स्वामी ने ही इस मामले में जल्दी सुनवाई के लिए पिटीशन दायर की थी।
उन्होंने कहा था- “हम हमेशा बातचीत को राजी थे। मंदिर और मस्जिद, दोनों बननी चाहिए। लेकिन मस्जिद सरयू नदी के पार बननी चाहिए। राम जन्मभूमि पूरी तरह तरह से राम मंदिर के लिए होनी चाहिए। हम भगवान राम का जन्मस्थान नहीं बदल सकते, लेकिन मस्जिद हम कहीं भी बना सकते हैं।”
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा था कि मामला आगे बढ़ गया है। समझौते से हल नहीं निकलेगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीधे दखल दें, तो हो सकता है कि बात बन जाए।”