किसान यात्रा के बाद राहुल गाँधी की सन्देश यात्रा 15 अक्टूबर से शुरू

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भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने यूपी की सत्‍ता हासिल करने के लिए पांच नवंबर से परिवर्तन यात्राओं के जरिए चुनावी आगाज करने का प्‍लान बनाया है तो कांग्रेस ने उससे आगे बढ़कर अपनी 26 दिन की किसान यात्रा का फॉलोअप करने की रणनीति बनाकर नया प्रयोग शुरू कर दिया है।

उत्‍तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस ने अभूतपूर्व ताकत झोंक दी है। इस चुनाव में  कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी और उनके रणनीतिकार प्रशांत किशोर की प्रतिष्‍ठा दांव पर लगी हुई है। इसलिए इस बार यात्राओं का फॉलोअप प्‍लान भी बनाया गया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह विधानसभा चुनाव 2019 के आम चुनावों की दिशा तय करेगा। इसलिए इतना जबरदस्‍त प्‍लान बनाया गया है।

इसमें हरियाणा और मध्‍य प्रदेश के कई वरिष्‍ठ कांग्रेस नेताओं को लगा दिया गया है। राहुल गांधी की किसान यात्रा का मैसेज गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसीलिए इसका नाम राहुल संदेश यात्रा दिया गया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों और विधायकों को प्रभारी बनाकर 75 जिलों में भेजा गया है। यह प्‍लान भी प्रशांत किशोर के कहने पर तैयार हुआ है।

किसान यात्रा के इस फॉलोअप प्‍लान में मेरठ जिले के प्रभारी बनाए गए हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद कहते हैं कि उन्‍हें कांग्रेस आलाकमान से यह निर्देश मिला है बस से गांव-गांव की यात्रा करनी है। किसानों, युवाओं को राहुल गांधी की यात्रा का संदेश पहुंचाना है कि हमारी पार्टी की सरकार आने के बाद क्‍या करेंगे। हरियाणा के ही पूर्व श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री शिवचरण लाल शर्मा को बदायूं का प्रभारी बनाया गया है। सवाल यह है कि क्‍या इसका यूपी में कांग्रेस को कोई फायदा मिलेगा।