अंबेडकर ने खुद प्रताड़ना झेली लेकिन मन में कभी बदले का भाव नहीं रखा

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प्रधानमंत्री मोदी डॉ. अंबेडकर की जंयती पर नागपुर के दीक्षाभूमि में श्रद्धाजंलि देने के लिए पहुंचे हैं। नागपुर पहुंचने पर पीएम मोदी का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने स्वागत किया।
पीएम मोदी ने कहा कि अभावों में प्रभावशाली कैसे होना है ये अंबेडकर से सीखना चाहिए। देश में हर तबके के व्यक्ति के लिए काम करने के अवसर उपलब्‍ध हैं। यही अवसर लोगों को काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। किसी भी प्रभाव से प्रभावित हुए बिना, अभाव के बीच जीते हुए भी प्रभावशाली हुआ जा सकता है, ये बाबा भीमराव अंबेडकर के जीवन से समझा जा सकता है।

पीएम ने कहा अपमानति होना, प्रताड़ित होना ये सभी जिंदगी के हिस्से हैं। व्यक्ति की ऊंचाई ऐसे समय से पता चलती है जब उसके लिए कठिन हालात होते हैं। कि भ्रष्टाचार की मार आज देश का हर नागरिक इससे परेशान है। डिजीधन को पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार और कालेधन की सफाई का सबसे बड़ा औजार बताया। मोदी ने कहा कि डिजीधन के जरिए भ्रष्टाचार और कालेधन की सफाई में उनका साथ देने वाले लोग उनके सिपाही होंगे।

पीएम ने कहा कि हमे देश के लिए मरने का मौका नहीं मिला है, लेकिन देश के लिए जीने का मौका जरूर मिला है। मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हर गरीब के पास अपना घर हो। इनता ही नहीं सबके पास बिजली और पानी भी मिलेगा। साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। संविधान के जरिए बाबा साहेब ने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा है। इतना ही नहीं अंबेडकर की वजह से आज हर नागरिक के पास आगे बढ़ने का मौका है। अंबेडकर ने खुद प्रताड़ना झेली लेकिन मन में कभी बदले का भाव नहीं रखा। जीवन में जहर पीकर उन्होंने हमारे लिए अमृत की वर्षा की।