कालेधन के खिलाफ PM मोदी की बड़ी सफलता, भारतीयों ने स्विस बैंकों से 45% रकम निकाली

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केंद्र सरकार की चेतावनियों, काले धन की वापसी पर छूटों का भारतीय कालेधन के कुबेरों पर बड़ा असर पड़ा है। विदेशी बैंकों में कालाधन रखने वाले भारतीय पहले भी अपना कालाधन विदेशी बैंकों में रखते थे, आज भी अपना कालाधन विदेशी बैंकों में ही रखे हुए हैं। हां, ये जरूर है कि स्विस बैंकों में रखा भारतीयों का कालाधन आधा हो गया है। स्विस बैंकों से जोरदार निकासी हुई है। वहीं, पाकिस्तान में भी पनामा पेपर कांड की जांच खुलने के बाद पाकिस्तानी लोग तेजी से अपना कालाधन विदेशी बैंकों से निकाल रहे। खास बात ये है कि जोरदार निकासी के बावजूद भारतीयों से दो गुना कालाधन पाकिस्तानियों ने स्विस बैंकों में जमा कर रखे हैं। ये सभी आंकड़े स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के डाटा के आधार पर सामने आए हैं, जिसमें विदेशी खातेदारों के खातों में जमा धन की पूरी जानकारी दी गई है।

स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक भारतीय कालेधन के कुबेरों के 676 मिलियन स्विस फ्रैंक बैंकों में जमा है, जो भारतीय रुपए में 4,500 करोड़ की धनराशि बैठती है। ये पिछली अवधि के मुकाबले आधी है।

खास बात ये है कि भारतीय लोगों ने सीधे अपने नाम 665 मिलियन फ्रैंक स्विस बैंकों में जमा किए हैं, जबकि ट्रस्टों के नाम पर 11 मिलियन डॉलर जमा हैं। ये धनराशि पुरानी राशि के बराबर ही है।
भारतीय कालेधन के कुबेरों के अलावा पाकिस्तानी धन कुबेरों पर भी सरकारी डंडे का डर दिखा है। पाकिस्तानियों ने भी स्विस बैंकों से पैसे निकाले हैं। पर अब भी ये भारतीय धनकुबेरों का दुगुना ही है। पाकिस्तानियों के पास स्विस बैंकों में 1.4 बिलियन फ्रैंक यानि 9500 करोड़ पाकिस्तानी रुपए जमा हैं। स्विस बैंक के डाटा के मुताबिक पूरी दुनिया के धनकुबेरों का 1.48 ट्रिलियन फ्रैंक स्विस बैंकों में जमा है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने विदेशों में कालाधन रखने वालों के लिए आम माफी की योजना चलाई थी, जिसमें काफी धन वापस देश में आया भी था। फिर भी स्विस बैंकों से पूरे पैसों का न निकाला जाना इस बात को दर्शाता है कि भारतीय कालेधन के कुछ कुबेर सरकारी डंडे की मार से भी नहीं डरते।