सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर पर पुलिस का छापा

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आज पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर पर छापा मारा। लखनऊ के गौतम पल्ली थाना की फोर्स के साथ पुलिस बल ने गायत्री प्रसाद प्रजापति के सरकारी आवास पर छापा मारा।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अमेठी से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कल अमेठी में मतदान किया था। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के सरकारी आवास पांच, गौतम पल्ली पर पुलिस ने शाम को छापा मारा। आवास पर उनके न मिलने पर घर पर मौजूद लोगों ने पूछताछ की गई।
माना जा रहा है कि पुलिस की इस सक्रियता से दुष्कर्म के साथ कई मामलों के आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति की गिरफ्तारी जल्दी हो सकती है। सरकार आवास के साथ ही पुलिस ने गायत्री प्रसाद प्रजापति के माल एवेन्यू के घर पर पुलिस बल ने छापा मारा।
परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति समेत उनके सात करीबियों पर दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराने वाली महिला ने जान का खतरा बताते हुए दिल्ली पहुंची लखनऊ पुलिस के साथ आने से इन्कार कर दिया|
इसके बाद सीओ आलमबाग अमिता सिंह महिला के बयान लेने के लिए दिल्ली पहुंच गईं। वहां मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज कराए गए। गौरतलब है कि 18 फरवरी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गौतमपल्ली थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत सात लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म का प्रयास, धमकी, पॉक्सो एक्ट समेत आइपीसी की अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। महिला ने तहरीर में कहा है कि तीन वर्ष पूर्व वह गायत्री प्रसाद प्रजापति से खनन की जमीन के पट्टे के लिए उनके पांच गौतमपल्ली स्थित आवास पर मिली थी, जहां उन्होंने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया। महिला बेहोश हो गई और गायत्री प्रजापति सात लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया। महिला ने अपनी नाबालिग बेटी संग दुष्कर्म के प्रयास करने का मामला भी दर्ज कराया। जिन अन्य लोगों को मुकदमे में नामजद किया गया है वह गायत्री के करीबी हैं, जिसमें विकास वर्मा, चंद्रपाल, रूपेश, आशीष गुप्ता, पिंटू सिंह व अशोक तिवारी शामिल हैं|
उत्तर प्रदेश के मंत्री गायत्री प्रजापति की छेड़छाड़ से आहत नाबालिग बच्ची को इस कदर मानसिक आघात पहुंचा है कि वह डर से सो नहीं पा रही है। रात को बच्ची बार-बार उठ कर बैठ जाती है। न तो किसी सवाल का जवाब देती है और न ही कुछ बोल पा रही है। इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है बच्ची को गहरा मानसिक व शारीरिक आघात पहुंचा है जिसकी वजह से नाबालिग की हालत नाजुक है। दिल्ली के एम्स में भर्ती नाबालिग का इलाज चल रहा है। इलाज कर रहे चिकित्सकों के मुताबिक उसे भर्ती हुए तीन दिन हुए हैं, लेकिन उसकी हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। डॉक्टर्स का कहना है कि उसकी हालत इतनी खराब है कि वह अपना भी ख्याल नहीं रख पा रही है। उसकी मां भी उसके साथ ही है। बच्ची को जरूरी दवा और इलाज दी जा रही है|