वित्त मंत्री जेटली ने माना की जनता को हो रही है तकलीफ पर जरुरी था फैसला

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फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने माना कि नोट बदलने की प्रक्रिया से लोगों को खासी तकलीफ हो रही है और सरकार हालात पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इन दिनों बैंकों में खासी भीड़ है और तमाम दिक्कतों के बावजूद लोग सहयोग कर रहे हैं। इससे पहले कैश की किल्‍लत को लेकर जेटली ने रिजर्व बैंक और बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। जेटली ने कहा, “कुछ अफवाहें फैली थीं पहले दिन से कि 2000 के नोट में चिप है, ये अफवाह है.. नमक वाली बात अफवाह है। समस्या लोगों के साथ नहीं है, इतने बड़े पैमाने पर बदलाव से असुविधा होती है। हर जगह जो हालात हैं वो काफी शांतिपूर्ण हैं, लंबी लाइनें हैं पर हालात बेकाबू नहीं हैं।”

– “कुछ अफवाहें फैली थीं पहले दिन से कि 2000 के नोट में चिप है, ये अफवाह है.. नमक वाली बात अफवाह है। समस्या लोगों के साथ नहीं है, इतने बड़े पैमाने पर बदलाव से असुविधा होती है। हर जगह जो हालात हैं वो काफी शांतिपूर्ण हैं, लंबी लाइनें हैं पर बेकाबू हालात नहीं हैं।”
– “इस करंसी में रिजर्व बैंक ने बहुत ज्यादा सिक्योरिटी फीचर डाले हैं। जो फेक करंसी बनाने का प्रयास करेगा उस पर एजेंसियों की नजर है। एक-एक एटीएम को विजिट करके बदलना है। आज 100 के नोट को डील कर पाएंगे। रीकैलिबरेशन के बाद ही नई करंसी को ऑपरेट करने वाले एटीएम आएंगे।”
– “लाइन बहुत ज्यादा लंबी नहीं है। हमने कुछ रियायतें दी हैं। दो दिन टाइम लिमिट बढ़ाई गई है। हर आदमी चेक का एकसेप्ट करेगा हर संस्थान, वो सुरक्षित रास्ता है।”
हम जानते थे कि भीड़ होगी
– फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, “सुबह से देर रात तक जो नॉर्मल बैंकिंग एक्टिविटी है.. उसके साथ-साथ बड़ी कार्रवाई बहुत अच्छे तरीके से कर रहे हैं। सरकार ने जब फैसला लिया था कि 500 हजार के नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे, तो स्वाभाविक है कि अपेक्षा थी कि 86 परसेंट 14 लाख करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा बदलवाने के लिए लोग बैंक में जाएंगे.. भीड़ होगी।”
– “एक बहुत बड़ा मैसिव ऑपरेशन अभी ये ऑपरेशन शुरू हुआ है। एक कितना बड़ा होगा। इसकी कल्पना मैं केवल एक दो उदाहरण के तौर पर दूंगा। हम हर बैंक से डेटा मंगवाते हैं, लेकिन जिस काम में जुटे हैं.. इसलिए डेटा संभव नहीं है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़े हैं. चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य हैं.. स्टेट बैंक के ऑपरेशन होते हैं।”
– “ शनिवार दोपहर 12.15 तक करंसी रिप्लेसमेंट, दो करोड़ 28 लाख ट्रांजेक्शन किए हैं।
जेटली ने ये आंकड़े बताए
– 54370 करोड़ निकाले गए
– 47468 करोड़ रुपये डिपॉजिट हुए हैं।
– 2 लाख करोड़ रुपये डिपॉजिट हुए हैं।
– 58 लाख लोगों के पैसे एक्सचेंज किए 22 लाख एटीएम ऑपरेट कर रहे हैं।
– 33 लाख ने विदड्रॉल किया। डिपॉजिट- मैकेनिकल तरीके से ओवरनाइट करंसी चेंज नहीं होती है। 4000 करंसी चेस्ट हैं और रिजर्व बैंक के पास पैसा पर्याप्त है।
चुनौतियां क्या हैं
1- जेटली के मुताबिक, “इतनी बड़ी संख्या में जो लोग आए और आएंगे, उनसे केवल इतनी अपील है कि ये 30 दिसंबर तक डिपॉजिट एक्सचेंज की सुविधा है। आने वाले दिनों में भीड़ छंटेगी। बाद में आएं सुविधा होगी।”
2- “टेक्नॉलजी की वजह से लिमिटेशंस हैं, क्योंकि सीक्रेसी रखनी पड़ती है। जब तक डिसीजन हुआ और इसे सार्वजनिक किया गया। दो लाख एटीएम मशीनों को पहले रीकैलिबरेट नहीं किया गया। इसमें हजारों लोग लगते हैं.. सीक्रेसी नहीं रहती। पैसा डालना, रीकैलिबरेट करना, पुराने 100 रुपए 500 और हजार के लिए कैलिबरेटेड थे। 2 से 3 सप्ताह का समय लगता है रीकैलिबरेट करने का। इसलिए जो नए नोट आए हैं.. उनका साइज अलग है। धीरे-धीरे रीकैलिबरेट किए जा रहे हैं।
गोल्ड ट्रांजेक्शन पर सरकार की नजर

– काफी मात्रा में गोल्ड खरीदे जाने पर फाइनेंस मिनिस्टर, “कुछ लोगों ने कहा कि पहले से नोट बंद करने की जानकारी होगी। ये मनगढंत बाते हैं। इन हालात पर गैरजिम्मेदाराना बयान ना दें, अफवाह ना फैलाएं। योजना का उद्देश्य क्लीन ट्रांजेक्शन, क्लीन मनी है। व्यवसाय वाले लोग भी इसे लेकर अपना मन बना लें। जहां जहां इंटेलीजेंस बेस्ड इनफॉर्मेशन रहती है। वहां एक्शन होता है।”
– “जो लोग पुरानी करंसी में गोल्ड ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, उनसे स्टॉक मांगा गया है। कुछ जगह सर्वे किया गया। सरकार नहीं चाहती कि गैरकानूनी रूप से ट्रांजेक्शन हों, उस पर हमारी नजर रहेगी।”
– “मैं इस बात का आश्वासन दिलाना चाहता हूं कि जो RRBI से जो रिपोर्ट आई है। करंसी चेस्ट जो हैं, उसमें बड़ी मात्रा में पैसा है। उसे ट्रांसपोर्ट किया जाता है। कई बार कुछ जगहों पर कम या ज्यादा कुछ खास करंसी हो सकती है।”