शराबबंदी का संकल्प, मानव श्रृंखला से बिहार ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

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विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाकर इतिहास रचने के लिए आज पूरा बिहार एक जुट है। आज सुबह से ही पूरे बिहार में चहल-पहल देखी जा रही है। बिहार के लोग खुद को खुशनसीब मान रहे हैं और इसे लेकर उत्साहित हैं। दो करोड़ लोग नशे के खिलाफ एक दूसरे का हाथ थामकर 11292 किमी लंबी मानव शृंखला का निर्माण करने के लिए जगह -जगह इकट्ठा हुए हैं।

मानव श्रृंखला का निर्माण शुरू हो चुका है, मुख्य समारोह गांधी मैदान में आयोजित है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुब्बारा उड़ाकर समारोह का उद्घाटन किया। बिहार गीत शुरू हो चुका है। जय -जय बिहार से पूरा गांधी मैदान गुंजायमान है।

मुख्यमंत्री के साथ गांधी मैदान में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित बिहार के सभी गणमान्य लोग उपस्थित हैं। मानव श्रृंखला की शुरूआत हो चुकी है। लोगों के चेहरे पर मुस्कान, बच्चों के मन में उत्साह और महिलाओं के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा है।

गांधी मैदान में बिहार गीत के साथ कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं। गांधी मैदान मे लिम्का बुक अॉफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद है। आज बिहार एक नया रिकॉर्ड बनाने वाला है और पूरी दुनिया की नजरें आज बिहार पर ही है।

शराबबंदी को लेकर बनी इस मानव श्रृंखला का एक ही नारा है- दारू पीना छोड़ दो, जिसे श्रृंखला में शामिल हर व्यक्ति दुहरा रहा है जिससे शराबबंदी के समर्थन में पूरे बिहार में यह नारा गूंज रहा है। मानव श्रृंखला की तस्वीरें सेटेलाइट और ड्रोन कैमरे से तस्वीरें ली गईं।

मुजफ्फरपुर के गायघाट के NH-57 रमौली चौक के पास मानव श्रृंखला के दौरान 6 स्कूली बच्चे बेहोश हो गए, मेडिकल टीम मौके पर मौजूद नहीं है। सुपौल में निर्मली के NH-106 पर मानव श्रृंखला में जा रही ऑटो पलटी, 6 से अधिक लोग घायल, हादसा।

पूर्णिया गढ़बनेली हाईस्कूल के पास NH-57 पर मानव श्रृंखला में खड़ी 3 लड़कियां बेहोश हो गईं उन्हें कसबा PHC में भर्ती कराया गया है।

कैमूर मानव श्रृंखला में भाग लेने जा रहे 2 बच्चे नहर में गिरे, एक बरामद, दूसरे की खोज जारी, रामपुर के बघनी पुल के पास हादसा, एकौनी गांव के थे ये बच्चे।

मानव श्रृंखला को लेकर राज्य सरकार की तैयारी

-मीडिया,एंबुलेंस,अग्निसेवा वाहन,पानी टैंकर,मरीज की गाड़ी के परिचालन पर छूट

-मीडिया के गाड़ियों को लगाना होगा स्टीकरमानव श्रृंखला

-ISRO के 3 सेटेलाइट, 4 हेलिकॉप्टर से ली जायेंगी तस्वीरें

-सभी जिलों में ड्रोन कैमरे से ली जायेंगी तस्वीरें

-मानव श्रृंखला वाली सड़कों पर नहीं चलेंगे वाहन

-सुबह 10 से 3 बजे तक वाहन परिचालन पर रोक

-दोपहर 12.15 से 1 बजे तक बनेगी मानव श्रृंखला

सीतामढ़ी जिले में मानव श्रृंखला के लिए चहल-पहल शुरू है। राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियरों, स्कूली बच्चों व अन्य में उत्साह है। शहरी इलाके में सरकारी चारपहिया व निजी दोपहिया को छोड़ अन्य वाहनों का परिचालन बंद है। डुमरा के मोहनपुर स्थित एनएच 77 पर छात्राओं ने रंगोली बनाया।

खगड़िया में मानव श्रृंखला को लेकर पर्व-त्योहार जैसा माहौल है। महिलाओं में गजब का उत्साह है। सुबह में ही महिलाएं तैयार होकर घरों से मानव श्रृंखला में भाग लेने को लेकर सड़क पर पहुंच चुकी है। एनएच-31, 107 पर भी चहल-पहल है। जनप्रतिनिधियों में उत्साह है।

सेटेलाइट से फोटोग्राफी

इंडियन स्पेस रिचर्स ऑर्गेनाइजेशन ने मानव शृंखला की सेटेलाइट फोटोग्राफी की अनुमति दे दी है। पांच सेटेलाइट इसकी फोटोग्राफी करेंगे। जबकि राज्य सरकार ने सभी 38 जिलों में बनने वाली शृंखला की फोटोग्राफी के लिए जिलों को एक-एक ड्रोन मुहैया कराए गए हैं।

यातायात की रहेगी वैकल्पिक व्यवस्था

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने जिलों को हिदायत दी है कि 12.15 से एक बजे के बीच बनने वाली मानव शृंखला के दौरान यातायात परिचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था है। सभी जगह पर तमाम तरह की सुविधाएें मुहैया कराई गई हैं ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो।

बिहार विश्व का पहला प्रदेश जहां बनी सबसे लंबी मानव श्रृंखला

यहां बता दें कि बिहार विश्व में अकेला ऐसा प्रदेश है जिसने नशे को न कहने के लिए विश्व की लंबी मानव शृंखला की परिकल्पना की और इसे अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके पहले वर्ष 2004 में बांग्लादेश में प्रतिपक्ष ने सरकार के खिलाफ 1050 किमी लंबी मानव शृंखला बनाई थी।