पैरा बैडमिंटन चैंंपियनशिप जीत आजमगढ़ के DM ने रचा इतिहास

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आजमगढ़ के डीएम सुहास एलवाई ने बैडमिंटन में स्वर्णिम इतिहास रचा है। एक पैर खराब होने के चलते बचपन से चलने फिरने में दिक्कत झेलने के बाद लक्ष्य को सामने रख मंजिल तय करने वाले सुहास ने पेइचिंग में एशियन पैरा बैडमिंटन के फाइनल को जीतकर प्रदेश ही नहीं, देश का नाम रोशन कर दिया है। शनिवार को सेमीफाइनल में कोरिया के क्योन ह्वान सान को हराकर फाइनल में पहुंचे। सुहास ने इंडोनेशिया के हरे सुशांतो को 21-2, 21-11 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया,फाइनल मैच जीतकर सुहास देश के ऐसे पहले अफसर बन गए है, जिन्‍होंने बैडमिंटन के इंटरनेशनल मुकाबले में जगह बनाने के साथ गोल्ड मेडल जीता है। सुहास के एशियन पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिलते ही रविवार को आजमगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई,सोशल मीडिया पर भी उनको बधाइयां मिलने लगीं। पेइचिंग में 22 से 27 नवंबर तक ये बैडमिंटन प्रतियोगिता चली|championship-
सुहास की इस ऐतिहासिक जीत पर सूबे के आईएएस एसोसिएशन से लेकर दूसरे लोग भी बधाई देने में जुट गए हैं।
2007 बैच के IAS सुहास एलवाई का नाम यूपी के अच्छे अफसरों में शुमार है। वे मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में डीएम के पद पर तैनात हैं। सुहास की पत्नी रितु ने बताया कि सुहास इस टूर्नामेंट के लिए पिछले डेढ़ महीने से तैयारी कर रहे थे।वे 10 बजे से पहले बैडमिंटन की प्रैक्टिस करते थे। जिस दिन छुट्टी होती थी, उस दिन सुबह और शाम को भी प्रैक्टिस में कोई कसर नहीं छोड़ते थे।जिस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में उन्‍होंने गोल्ड मेडल जीता, उसी टूर्नामेंट में वे कुछ साल पहले क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर हार गए थे। इस हार के बाद सुहास ने जीत का लक्ष्य तय करके ये कामयाबी हासिल की।सुहास की 6 साल की बेटी शान्वी ने कहा कि हम भी ओलिंपिक में जाएंगे और पापा की तरह मेडल लाएंगे। सुहास का 2 साल का बेटा भी है, जिसका नाम बियान है। वह इस जीत के बाद से काफी खुश है|