कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद सांसद पप्पू यादव को देर रात जेल भेजा गया

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सोमवार देर रात पप्पू यादव को जेल भेज दिया गया। इससे पहले दिन में वर्कर्स से हुई भिड़ंत के दौरान पुलिस ने पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज भी किया गया। कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस पर पत्थर बरसाए। बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी एक पुराने मामले में की गई है।

प्रदर्शन की अगुवाई जाप के संरक्षक पप्पू कर रहे थे। बीएसएससी घोटाले की सीबीआई जांच, बढ़ी बिजली दर वापस लेने सहित कई मुद्दों पर वर्कर्स विधानसभा घेरने जा रहे थे। घेराव करने पहुंचे जाप वर्कर्स से थोड़ी दूरी पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें भी पीटा।विधानसभा घेराव के दौरान वर्कर्स और पुलिस के बीच हुई भिड़ंत में 100 से ज्यादा जाप वर्कर्स को चोट आई। कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।

इस संबंध में गर्दनीबाग थाने में पप्पू यादव सहित 20 नामजद और 800 अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले में करीब छह घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। फिर रात लगभग दस बजे पप्पू यादव को उनके घर से अरेस्ट कर जज के सामने पेश किया गया। जिसके बाद उन्हे बेउर जेल भेज दिया गया। सांसद को बेउर जेल के आमद वार्ड में रखा गया है।

पप्पू ने तबीयत खराब होने की बात कही लेकिन पुलिस गिरफ्तारी पर अड़ी रही। पप्पू ने संसद के सेशन को लेकर दिल्ली जाने की भी दलील दी। सांसद की गिरफ्तारी के लिए एएसपी राकेश, एक प्रोबेशनर आईपीएस, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, कोतवाली थाने की पुलिस सहित कई टीआई मौजूद थे। गिरफ्तारी के पहले पप्पू के घर पर भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई। पप्पू ने अधिकारियों से वारंट दिखाने को कहा।

बताया गया कि 24 जनवरी के गांधी मैदान थाने में दर्ज एक मामले और 27 मार्च को गर्दनीबाग थाने में दर्ज मामले में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सूत्रों की मानें तो गर्दनीबाग थाने में दर्ज मामले में पप्पू पर आईपीसी की धारा 307 भी लगाई गई है जिसमें बिना वारंट के पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है। बताया गया कि पुलिस गांधी मैदान वाले में मामले में वारंट लेकर सांसद के पास पहुंची थी। इस बीच आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने उनकी जांच भी की और ब्लड प्रेशर बढ़ा पाया।

पप्पू के वकीलों ने पुलिस को नोटिस भी दिया। नोटिस में पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई थी। पप्पू ने आरोप लगाया है कि पटना पुलिस एक नेता के इशारे पर उनकी हत्‍या की साजिश रच रही थी। पुलिस ने उनके समर्थकों पर बर्बर कार्रवाई की। कई मीडियाकर्मियों को भी चोट लगी। सरकार की तालिबानी कार्रवाई के खिलाफ पार्टी की निर्णायक लड़ाई की शुरुआत हो चुकी है।

विधानसभा घेराव के दौरान दिन में करीब 12.30 बजे जैसे ही पप्पू यादव धरनास्थल पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं में जोश आ गया। पुलिस को अनुमान नहीं था कि भारी संख्या में समर्थक पहुंचेंगे। जैसे ही वर्कर्स बैरिकेडिंग तोड़कर फ्लाईओवर की ओर बढ़े, पुलिस से नोकझोंक शुरू हो गई। फिर पुलिस पर पथराव हो गया। वाटर कैनन में आई शुरुआती खराबी के कारण समर्थकों को तितर-बितर करने में पुलिस को समय लग गया। इस बीच रोड़ेबाजी में कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आंसू गैस छोड़े। करीब एक घंटे तक धरनास्थल पर अफरातफरी मची रही।लाठीचार्ज में आंगनवाड़ी सेविका संघ की दो महिलाएं भी घायल हो गईं।

जाप के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा ने  मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही|