पंजाब और हरियाणा में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद, हरियाणा में 22 ट्रेन रद्द

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25 अगस्त को पंचकुला सीबीआई कोर्ट का डेरा सच्चा सौदाके प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर बलात्कार के मामले में फ़ैसला आना है. गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ मामले में कल शाम के फैसले से पहले हरियाणा में 22 ट्रेन रद्द की गयी है ।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है.

डेरा सच्चा सौदाके प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अनुयायी बड़ी संख्या में चंडीगढ़ से लेकर पंचकुला तक इकट्ठा हो गए हैं. प्रशासन पूरी तरह से हाईअलर्ट पर है और हरियाणा-पंजाब के कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात हैं. चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं.

इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬

पंजाब ह​रियाणा हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए हरियाणा सरकार, पुलिस व केंद्र सरकार फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि हालात काबू करने में हरियाणा पुलिस फेल साबित हो रही है तो क्यों न हरियाणा के डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए।

इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए मामले में उचित आदेश देने की मांग की गई। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और केंद्र सरकार को आदेश दिए।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने केंद्र को आदेश दिया कि वो इस मामले में सख्त तुरन्त कदम उठाये, क्योंकि हरियाणा सरकार इस मामले में विफल नजर आ रही है। केंद्र और फोर्स तैनात करें, हम नही चाहते कि जाट आंदोलन जैसा हाल हरियाणा में हो।

कोर्ट ने कहा कि अगर आप कुछ नही कर सकते तो हम आर्मी को आदेश दें। इस पर केंद्र सरकार के वकील ने उचित कदम उठाने का हाईकोर्ट को आश्वाशन दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि वो तीन दिन से देख रहे कि की क्या हो रहा है।

 

हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को इस मामले में तुरन्त उचित संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती के आदेश दे। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बाबत लंच के बाद कोर्ट को रिपोर्ट दी जाए। हाईकोर्ट ने आई बी को भी कहा कि वो राज्य सरकार को इनपुट दे।

हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर एक भी जान जाती है तो इसके लिए डीजीपी जिम्‍मेदार होंगे। हाईकोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार से सुरक्षा बंदोबस्‍त को लेकर सवाल किए। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार से पूछा कि वक्‍त रहते सही कदम क्‍यों नहीं उठाए गए। इतनी कम सेना क्‍यों भेजी?

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि मामले में कोई भी अप्रिय घटना हुई तो डीजीपी जिम्‍मेदार होंगे। एक भी जान गई तो डीजीपी को सस्‍पेंड कर देंगे, सुप्रीम कोर्ट जाना है तो जाएं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे ही हालात जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी पैदा हुए थे। अब ऐसा नहीं होना चाहिए।