विपक्ष का हंगामा, दोनों सदन स्थगित

11
SHARE

आज भी नोटबंदी को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है। राज्यसभा में विपक्ष ने शोक प्रस्ताव लाने की मांग की और नगरोटा हमले पर जानकारी मांगी। संसद के शीतकालीन सत्र का आज 10वां दिन है। आज भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नोटबंदी और नगरोटा आतंकी हमले का मुद्दा सदन के समक्ष के उठाया। राज्यसभा में बीएसपी प्रमुख मायावती ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का कहना है जब से सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है तब से लेकर अब तक काफी जवान शहीद हो गए हैं। 7 जवान शहीद हुए हैं सरकार इस मामले में बिल्कुल संवेदनशील नज़र नहीं आ रही है। नोटबंदी की वजह से 90 के करीब लोग मर चुके हैं। हम चाहते हैं दोनों पर शोक प्रस्ताव लाएं|

राज्यसभा के उपसभापति ने कहा अभी कॉंबिंग ऑपरेशन चल रहा है और जानकारी लेने दीजिए। हम हमेशा जवानों को श्रद्धांजलि देते आए हैं, इसमें राजनीति करने वाली कोई बात नहीं है। जिसके बाद विपक्ष के लोग वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बाद उपसभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं लोकसभा में भी हंगामे के बाद सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया|

शरद यादव ने कहा कि अगर आप कहते हैं कि नोटबंदी लोगों के हित में है, तब तो हमें नगरोटा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए। वहीं इस पर जवाब देते हुए अरुण जेटली ने कहा कि पहले अपनी पार्टी में तय कर लें कि नोटबंदी का विरोध करना है या नहीं।फिर शरद यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि आप मेरी पार्टी के बारे में बात कर रहे हैं, आप बताइए पीएम यहां क्यों नहीं हैं?

गुलाम नबी आज़ाद ने पूछ कि नगरोटा हमले में 7 अफसर शहीद हुए और फिर भी हम उन्हें श्रद्धांजलि देने को तैयार क्यों नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। इसके बाद विपक्ष के लोग संसद के वेल में उतर आए और नारेबाज़ी करने लगे। इस दौरान विपक्ष ने पोस्टर भी दिखाए और शर्म करो-डूब मरो के नारे लगाए|

वहीं इससे पहले विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तय करने के लिए बुधवार को भी बैठक बुलाई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन इस बैठक में मौजूद थे। विपक्ष ने बुधवार को दोनों सदनों में नगरोटा हमले का मुद्दा उठाने का फैसला किया। वहीं, सरकार विपक्ष से सदन चलाने में सहयोग की अपील कर रही है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सदन का काफी वक्त बर्बाद हो चुका है। लोकसभा और राज्यसभा में 10-11 दिन बर्बाद हो चुके हैं|