ओमप्रकाश राजभर का दावा मंत्री पद से दे दिया है इस्तीफा, लेकिन भाजपा स्वीकार नहीं कर रही

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यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने और दर्जा प्राप्त दो मंत्रियों ने भाजपा सरकार से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनका अब भाजपा से कोई रिश्ता नही है, इस्तीफ़ा स्वीकार करना भाजपा सरकार का काम है।

ओम प्रकाश राजभर यूपी के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग जन सशक्तिकरण मंत्री हैं। बलिया जिले के सिकन्दरपुर में पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा कि उन्होंने 13 अप्रैल को ही इस्तीफा सौंप दिया है, अब इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला भाजपा को करना है। उनका कहना था कि भाजपा उन्हें अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाना चाहती थी जो उन्हें मंजूर नहीं था, इसीलिए उन्होंने अलग चलने का फैसला किया।

राजभर ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा लोकसभा चुनाव में फायदा लेने के लिये इस्तीफे को स्वीकार नहीं कर रही। इतना ही नहीं भाजपा अपने चुनावी कार्यक्रमों में उनके फोटो व झंडा का उपयोग कर रही है, जबकि उनकी पार्टी के कार्यक्रमों में भाजपा का झंडा नहीं लगाया जाता। उनका कहना था कि उनकी पार्टी का अब भाजपा या सरकार से कोई लेना-देना नहीं, पार्टी स्वतंत्र है और 39 सीटों पर भाजपा से अलग चुनाव लड़ रही है।

राजभर ने कहा कि यूपी में सपा-बसपा गठबंधन, भाजपा से ज्यादा सीटें जीतेगा। उनका ये भी दावा है कि सुभासपा की वजह से भाजपा को पूर्वांचल में भारी नुकसान होगा और पूर्वांचल की जिन 30 सीटों पर सुभासपा भी लड़ रही है वहां भाजपा सिर्फ 3 सीटें ही जीत पाएगी।

सुभासपा अध्यक्ष के इस तरह के बयान के बाद अब भाजपा पर इस बात का दबाव हो गया है कि वह राजभर के मामले में स्थिति साफ करे। देखना होगा इस बारे में स्थिति आखिरी चरण के चुनावों से पहले साफ होती है या फिर नतीजों के बाद।