गायत्री प्रजापति को राहत देने पर महिला सीओ संदेह के घेरे में

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गैंग रेप से पीडि़त महिला को राहत तथा मदद देने के स्थान पर महिला सीओ प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति पर मेहरबान रहीं। माना जाता है कि महिला के खिलाफ अपराध के मामले में महिला पुलिस अफसर तो महिला के पक्ष में रहती हैं, लेकिन मंत्री के रूतबे के आगे जिम्मेदार अधिकारी भी मंत्री के आभामंडल की गिरफ्त में रहीं।

पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में विवेचक सीओ अमिता सिंह ने मौका-मुआयना नहीं किया था। उन्होंने विवेचना में ऐसी कई बड़ी लापरवाही बरती थीं। एएसपी उत्तर अनुराग वत्स की जांच रिपोर्ट में ऐसी कई खामियों का जिक्र है। एसएसपी दीपक कुमार ने एएसपी की जांच रिपोर्ट को अग्रिम कार्रवाई के लिए आइजी लखनऊ रेंज को भेजा है।

पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में तत्कालीन विवेचक सीओ अमिता सिंह व सीओ अवनीश मिश्रा की भूमिकाओं को लेकर सवाल उठे थे। इस पर एसएसपी ने एएसपी उत्तरी को दोनों सीओ की भूमिका की जांच के निर्देश दिए थे।

एएसपी की जांच में विवेचक सीओ अमिता सिंह के कई स्तर पर गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। बताया गया कि सीओ ने मौका मुआयना नहीं किया था। नक्शा नजरी तक नहीं बनवाया। वह पीडि़त महिला को साथ लेकर घटनास्थल पर भी नहीं गई थीं। पीडि़त महिला के बेटे के बयान भी नहीं दर्ज किए गए थे। इसके अलावा सीओ ने मोबाइल की कॉल डिटेल व फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति को केस डायरी का हिस्सा नहीं बनाया था। सीओ अमिता सिंह ने विवेचना के दौरान कई स्तर पर लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है, जबकि एएसपी की जांच में सीओ अवनीश मिश्रा ने अहम मामले में बिना वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाए केस डायरी को कोर्ट मुंशी के पास भेजने की लापरवाही की।

गैंगरेप मामले में दो सीओ ने जांच के दौरान अनियमितता बरती थी। मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने एएसपी उत्तरी को दोनों सीओ की भूमिका की जांच सौंपी थी। एसएसपी के मुताबिक एएसपी की जांच रिपोर्ट में दोनों सीओ के विवेचना के दौरान अनियमितता बरते जाने की बात कही गई है।

source-DJ