75 जिलों को बराबर बिजली, जिन गांवों में बिजली चोरी नहीं वहां 24 घंटे बिजली

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राष्ट्रीय पंचायत द‌िवस के मौके पर सीएम योगी ने लखनऊ में डा. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डा. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोज‌ित कार्यक्रम में शिरकत की.

सीएम योगी ने कहा 59 हजार पंचायतें सिर्फ उत्तर प्रदेश में हैं। जब विकास की बात आई तो प्रधानमंत्री ने कहा था क‌ि पैसा सीधे ग्राम पंचायतों को देंगे। आजादी के बाद से जो 59 हजार गांव पटरी से उतरे थे अब वहां तेजी से विकास होगा। तोमर जी प्रदेश के बारे में जानकारी रखते हैं क्योंक‌ि गोरखपुर के पदाधिकारियों को विस चुनाव से पहले उनका सानिध्य प्राप्त हुआ था और उन्होंने कहा था क‌ि समस्याओं का तुरंत समाधान होगा। हम सबके ऊपर प्रदेश की बड़ी जिम्मेदारी है। विकास सचमुच करना है तो ग्राम सभा को इसकी धुरी बनाना होगा। अंत्योदय तक विकास को पहुंचाना है। यही प्रधानमंत्री का सपना है। प्रधानमंत्री ने सीधे ग्राम पंचायतों को फोकस किया है।

अब ट्रांसफॉर्मर भी दो तीन महीने तक फुंके नहीं रहेंगे। इसके ल‌िए हेल्पलाइन भी बनेगी, सुनवाई न होने पर दंड भुगतना पड़ेगा। हम आपकी सुविधा के ल‌िए काम कर रहे हैं तो आपको भी इस दिशा में आपका भी साथ चाह‌िए। जिन गांवों में बिजली चोरी नहीं होगी वहां 24 घंटे बिजली की व्यवस्था 2018 तक करवा दी जाएगी। पंचायतों की पत्रिकाएं छपनी चाह‌िए और देश में उनके कार्य पहुंचने चाह‌िए। प्रधानमंत्री कहते हैं, हम स्मार्ट सिटी की बात तो करते हैं अब स्मार्ट गांव की बात भी करें।

योगी ने कहा मैं हाल ही में बुंदेलखंड गया था। वहां पानी की समस्या बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने वहां इस समस्या के निवारम के ल‌िए काम किया है लेकिन हम बुंदेलखंड सहित और भी क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने पद की शपथ लेते वक्त स्वच्छ भारत अभियान की शपथ ली थी, ये मंत्र देश के स्वावलंबन के ल‌िए भी है। इसकी धुरी ग्राम पंचायतें बन सकती हैं।लाल बत्ती के ल‌िए यूपी सरकार ने संकल्प लिया क‌ि कोई भी वीआईपी के नाम पर इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। हमारे सभी नेताओं ने लाल बत्त‌ियों को हटा दिया।

योगी ने कहा अभी तक वीआईपी की संस्कृत‌ि जिलों तक थी। बिजली चार जिलों को मिल रही थी। क्या बाकी 71 जिलों ने वोट नहीं दिया। ये लोकतंत्र का उपहास है। हम 75 जिलों को बराबर बिजली देंगे। हमारा लक्ष्य हर गरीब तक बिजली पहुंचाने का है। सुदामा कृष्ण से मिलने गए तो कृष्ण ने उनको पैसे नहीं द‌िए पर जब सुदामा वापस गए तो उनके घर की कायापलट हो चुकी थी। जब 5000 साल पहले कैशलेस व्यवस्था हो सकती है तो हम आज इसे क्यों न अपनाएं।