उपचुनावों के नतीजे एक सबक, हम खाई में गिरने से पहले ही संभल गए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में हार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा, उपचुनावों के नतीजे एक सबक है। हम खाई में गिरने से पहले ही संभल गए। गलतियां सुधारने का मौका मिला है, 2019 फिर जीतेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, गोरखपुर और फूलपुर में अति आत्मविश्वास से हार हुई है। मैं जितनी भी बार गोरखपुर गया, कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव जीत रहे हैं। अति आत्मविश्वास में कार्यकर्ता उदासीन हो गए। कार्यकर्ताओं ने काम नहीं किया तो मतदाता भी घर से नहीं निकले। कार्यकर्ताओं को लगा कि योगीजी हैं तो सब ठीक है। उनकी सीट है, इसे तो हम जीत ही लेंगे। कार्यकर्ताओं को समझना होगा कि कितना भी भरोसा क्यों न हो, चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, चुनाव अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक पड़ाव है। चुनाव के जरिए हम अपना आकलन करते हैं। देश व प्रदेश की जनता 2019 में भी सकारात्मक सोच के साथ हित संरक्षण देने वाली सरकार चाहती है। 2019 में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनेगी। यूपी में लोकसभा की सभी 80 सीटें भाजपा जीतेगी। उन्होंने सपा-बसपा के गठबंधन को अवसरवादिता का गठबंधन बताया।

योगी ने कहा, भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भी उसी निर्ममता से व्यवहार किया जाएगा, जैसा अपराधियों के साथ किया जा रहा है। यूपी को क्राइम और करप्शन फ्री प्रदेश बनाएंगे। इसमें जो भी आड़े आएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, सरकार कार्रवाई में संकोच नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार क्या करना चाहती है, एक वर्ष में अफसर समझ गए होंगे, जो अब भी नहीं समझे हैं, उन्हें घर भेजने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यूपी पुलिस में सिपाही, दरोगा सहित कुल 1.60 लाख पदों पर भर्तियां करने जा रही है। प्रयास है कि इसमें 20 फीसदी पद महिलाओं के लिए हों। इतनी बड़ी संख्या में महिला सिपाही या महिला दरोगा भर्ती होंगी तो महिला सुरक्षा को बल मिलेगा। हालांकि अपनी सुरक्षा के प्रति महिलाओं को भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस, होमगार्ड के साथ बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म भी महिला स्वयं सहायता समूहों से सिलवाने का विचार है।

मुख्यमंत्री ने झांसी मेडिकल कॉलेज में मरीज के कटे पैर को उसी का तकिया बनाने को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए चिकित्सकों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से पूरे चिकित्सक समुदाय को शर्मिंदा होना पड़ता है। सरकार अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर तो खोल सकती है, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए जिस समर्पण भाव की आवश्यकता है, चिकित्सकों में उसकी कमी है। मरीज आता है, डॉक्टर देखते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अच्छे चिकित्सक और सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर तैयार करें। चिकित्सा के क्षेत्र में मानव संसाधन का इतना अभाव है कि 2000 चिकित्सक आएं तो अभी भर्ती कर लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान शुरू किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों की संख्या दो करोड़ तक पहुंचाकर बेसिक शिक्षा में एक नया ऑस्ट्रेलिया बना दिया जाए।