नोटबंदी एक ट्रैजिडी, देश की इकोनॉमी की ताकत खत्म हो गई- राहुल गांधी

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बुधवार को नोटबंदी के एक साल होने पर राहुल गांधी ने कहा, ”नोटबंदी एक ट्रैजिडी है। प्रधानमंत्री के बिना सोचे समझे लिए फैसले से लाखों ईमानदार लोगों के जीवन जीने का तरीका तबाह हो गया। मोदी सरकार के इस बदलाव से देश की इकोनॉमी की ताकत खत्म हो गई। 4 महीने में 15 लाख लोग बेरोजगार हो गए।”

नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर कांग्रेस देशभर में ब्लैक डे मना रही है तो बीजेपी ने इसे एंटी-ब्लैक मनी डे के रूप में मनाने का एलान किया है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट ने एक आर्टिकल में लिखा- ”नोटबंदी एक ट्रैजिडी है। प्रधानमंत्री के एक बिना सोचे समझे उठाए कदम ने लाखों ईमानदार लोगों के जीवन जीने का तरीका तबाह कर दिया। मोदी सरकार के इस बदलाव से देश की इकोनॉमी की ताकत खत्म हो गई। नोटबंदी से जीडीपी में 2% की गिरावट आई और लाखों वर्कर्स पर इसका असर पड़ा। ये एक बड़ा घोटाला है और मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम है। लोग बेरोजगार हुए, उनके अंदर गुस्सा है। पहले 4 महीने में ही 15 लाख लोगों की नौकरी चली गई। मोदी जी ने कहा था कि नोटबंदी से करप्शन खत्म होगा, लेकिन पिछले 12 महीने में एक ही बात सामने आई, वो है ग्रोथ कर रही इकोनॉमी में गिरावट। जीएसटी लागू करना इकोनॉमी के लिए एक और झटका साबित हुआ। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्चर में चीन का दबदबा बढ़ा है। 1990 के दशक में उसकी हिस्सेदारी 3% थी, जो अब 25% हो गई है। चीन जहां एक दिन में 50 हजार लोगों को नौकरी देता है। मोदी जी सिर्फ 500 लोगों को नौकरी दे पा रहे हैं।”

नोटबंदी के वक्त बैंकों की लाइन में लगे लोगों की फोटो ट्वीट करते हुए राहुल ने लिखा, “एक आंसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है, तुमने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना।”