इस वजहों से आखिरी फैसला नहीं ले पा रहे ओम प्रकाश राजभर, अगले 24 घंटे बेहद अहम

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लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बीच उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे लेकर पेंच ऐसा फंस गया है कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अंसमंजस में पड़ गए हैं। उन्होंने ऐलान किया था कि वह बुधवार को ही भाजपा के साथ रहने या न रहने का अपना फैसला ले लेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।


ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार दोपहर 12 बजे तक इंतजार करने की बात कही थी लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने की बजाय उन्होंने थोड़ा इंतजार और करना उचित समझा और वह दिन भर भाजपा के संदेश की ही प्रतीक्षा करते रहे और देर रात तक भी कोई फैसला नहीं ले सके। देर रात तक भाजपा की ओर से सीट दिए जाने को लेकर उनको कोई सूचना नहीं दी गई।


राजभर के अल्टीमेटम को देखते हुए हर किसी की नजरें उनकी ओर लगी हुई थीं लेकिन बुधवार को राजभर किसी से नहीं मिले। इस दौरान उनके बेटों ने बताया कि भाजपा की ओर से कभी एक घंटा तो कभी दो घंटे का समय लिया जा रहा है, इसलिए सुभासपा कोई फैसला नहीं कर पा रही है।

उधर सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि भाजपा के उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा और अरविंद राजभर के बीच फोन पर बात हुई है। इसमें नड्डा ने अरविंद राजभर को आश्वस्त किया है कि सीट देने के मुद्दे पर जल्द फैसला लिया जाएगा। खबरें यह भी हैं कि भाजपा और सुभासपा के बीच सीटों को लेकर बात नहीं बन पा रही है, राजभर पूर्वांचल की जिन सीटों को चाहते हैं वहां भाजपा भी बेहद मजबूत स्थिति में है और वहां उसके सिटिंग सांसद हैं, ऐसे में राजभर को सीट देना बेहद मुश्किल हो रहा है।


इस बीच भाजपा ने चंदौली लोकसभा सीट पर फिर से अपने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय को टिकट दे दिया है, राजभर की पार्टी इस सीट पर दावा कर रही थी। बहरहाल भाजपा के साथ सुभासपा के रिश्तों को लेकर आज और कल का दिन काफी अहम रहेगा। इतने वक्त में या तो भाजपा के साथ सीटों पर फैसला हो जाएगा या फिर राजभर अपना कोई अंतिम फैसला ले लेंगे।