सुभासपा जल्दबाजी में फैसला नहीं करेगी, इतना इंतजार अभी और होगा

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ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और भाजपा के बीच सीटों को लेकर रस्साकशी जारी है। जहां भाजपा ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है वहां सुभासपा के सब्र का बांध टूट चुका है। पार्टी एक अल्टिमेटम पहले ही दे चुकी है लेकिन गठबंधन से अलग होने में जल्दबाजी के आरोप से भी बचना चाहती है।

सीटों पर कोई फैसला नहीं हो पाने से दोनों पार्टियों के रिश्ते तल्ख हो रहे हैं, इसी बीच गुरुवार को सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव और ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर के हवाले से मीडिया में खबरें आईं कि सुभासपा यूपी में भाजपा से अलग चुनाव लड़ेगी। लेकिन अब खबरें हैं कि सुभासपा थोड़ा इंतजार और करने के मूड में है। अरुण राजभर के हवाले से ही फिर खबरें आ रही हैं कि जिसमें उन्होंने कहा है कि भाजपा लोकसभा सीटों के बारे में जल्द कोई फैसला करे, सिर्फ पांच दिन इंतजार करने के बाद हम अपना स्वत्रंत उम्मीदवार उतार देंगे।

अरुण राजभर के मुताबिक भाजपा के बड़े नेताओं ने पार्टी को आश्वासन दिया था कि यूपी में मिलकर चुनाव लड़ेंगे। दो चरण का नामांकन हो चुका है, लेकिन भाजपा की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। लिहाजा सुभासपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन करने के बाद यह फैसला किया गया है कि अगले पांच दिनों में यदि सीटों पर समझौता नहीं हुआ तो तीसरे चरण में पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी।

राजभर के मुताबिक विधानसभा चुनाव 2017 के समय लोकसभा चुनाव में भी साथ लड़ने का समझौता हुआ था लेकिन भाजपा की ओर से अब तक कोई सार्थक पहल नहीं हुई है। भाजपा ने जल्द कोई फैसला न किया तो सुभासपा 53 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। तीसरे चरण के चुनाव के लिए 16 उम्मीदवारों पर विचार-विर्मश हो चुका है। दूसरे विकल्पों में दो संभावनाएं हैं पहला कांग्रेस और दूसरा गठबंधन के साथ।

बहरहाल पांच दिन इंतजार के फैसले से बात कुछ हद तक संभलती दिख रही है क्योंकि तब तक भाजपा भी कोई ना कोई फैसला कर ही लेगी।