नोट बंदी से जान पर आई आफत, देशभर में 6 दिन में 25 लोगों की मौत

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देश के अलग-अलग हिस्सों में कतारों में लोग बेहोश हो रहे हैं। पिछले 6 दिन में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। 500-1000 रुपए के नोट पर पाबंदी के बाद लोग परेशान हैं। बैंकों और एटीएम के बाहर नए नोट पाने के लिए लोग बेसब्री से अपनी बारी का इंतजार करते हैं। लेकिन बैंक के काउंटर तक पहुंचने से पहले निराशा हाथ लग रही है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में 22 वर्ष की एक महिला ने सिर्फ इसलिए खुदकुशी कर ली क्योंकि वो पिछले तीन दिन से कैश न मिलने से परेशान थी।

गुजरात के सूरत में 50 वर्ष की एक महिला ने खुदकुशी कर ली क्योंकि उसके पास पैसे होते हुए भी राशन नहीं खरीद पा रही थी।

कर्नाटक के चिकबल्लापुर में 40 वर्ष की महिला ने खुदकशी कर ली। दरअसल उस महिला ने अपने शराबी पति से बचाकर 15 हजार रुपए इकठ्ठा किए थे। लेकिन रुपयों को जमा कराते वक्त किसी से उसके पैसे चुरा लिया था।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 45 वर्ष के एक किसान ने जान दे दी। पिछले तीन दिन से 3 हजार रुपए जमा न होने की वजह से वो परेशान कर रहा था।तमिलनाडु में फंसे अपने बेटे की वो मदद करना चाहता था।

गुजरात के सुरेंद्रनगर इलाके में एक बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे 69 साल के बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गयी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक अस्पताल (कैलाश अस्पताल का ब्रांच) एक बच्चे की मौत इसलिए हो गई कि उस परिवार के पास नए नोट नहीं थे। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन से 10 हजार रुपए के पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया।  शामली में 20 वर्ष की एक युवती ने खुदकुशी कर ली। वो इस बात से परेशान थी कि उसका भाई दो दिन से बैंक और एटीएम का चक्कर कैश पाने के लिए लगा रहा था, लेकिन वो कैश पाने में नाकाम रहायूपी के कानपुर में एक वृद्ध महिला की मौत दो लाख 69 हजार के पुराने नोट गिनते समय मौत हो गई। पीएम के संबोधन को सुनने के दौरान कानपुर में एक शख्स की मौत हो गई। दरअसल 8 नवंबर को नोटों पर पाबंदी लगने से कुछ दिन पहले उस शख्स को जमीन बेचने के बदले में 70 लाख रुपए कैश मिले थे। नोट पाबंदी की खबर के बाद वो परेशान हो गया था, और उसे दिल का दौरा पड़ गया। मैनपुरी में एक साल के बच्चे की मौत हो गई, उसके पिता के पास पांच सौ के पुराने नोट थे लेकिन अस्पताल ने उन रुपयों को लेने से इनकार कर दियायूपी के कुशीनगर में जब कपड़ा धोने वाली महिला को जब ये पता चला कि 500-1000 हजार के नोट बैन हो गए हैं, तो वो सदमे में मर गई। जिस समय उसकी मौत हुई उसके पास एक हजार रुपए थे।

राजस्थान के पाली में एक शख्स को अपने बेटे को मरता हुआ देखता रहा, वजह ये बनी कि उस शख्स के पास पांच सौ रुपए की नोट तो थी, लेकिन महज 100 रुपए की वजह से एंबुलेंस ने उसके बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया था।

तेलंगाना के महबूबाबाद में एक शख्स को जब ये पता चला कि 500-1000 के नोट बंद कर दिये गए हैं, तो वो परेशान हो गया और सदमे में उसकी जान चली गई। जिस समय उस शख्स की मौत हुई उस शख्स के पास करीब 70 लाख रूपए थे

मुंबई में एक अस्पताल ने एक नवजात को इसलिए एडमिट करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उसके अभिभावकों के पास वैध पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं थे।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई, उसके पिता के पास दवा खरीदने के लिए वैध करेंसी नहीं थी|