नोटबंदी पर, दोनों सदन आधे घंटे के लिए स्‍थगित

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राज्यसभा और लोकसभा को आधे घंटे के लिए स्थगित कर देना पड़ा है। आज की रणनीति तय करने के लिए विपक्ष की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता खुद कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने की। इस बैठक में लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में फैसला लिया गया कि सदन में पीएम से विपक्ष पर दिए गए बयान को लेकर माफी की मांग की जाएगी। मायावती ने यह कहते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा कि भाजपा भारत बंद की बात कर रही है लेकिन नोटबंदी करके सरकार इस काम को पहले ही कर चुकी है। वहीं सदन के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर विपक्ष से बात करने दीजिए। इसके बाद उन्होंने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर संसद भवन परिसर में स्थित गांधी मूर्ति के पास सरकार के खिलाफ धरना भी दिया|

अनंत कुमार का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहती है लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा हैै। समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। हालांकि उन्होंने नीतीश पर इस मसले को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। विपक्ष के बुलाए गए जन आक्रोश दिवस पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विरोध जरूरी है लेकिन विपक्ष की बुद्धि विपरीत दिशा में घूम रही है|

नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा आक्रोश दिवस मनाए जाने का असर सोमवार को संसद में भी दिखाई देगा। दोनों सदनों में एक बार फिर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार और प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश करेगा। जिसके चलते संसद में आज भी कार्यवाही बाधित होने के पूरे आसार हैं। लोकसभा में विपक्ष कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रहा है। वहीं राज्यसभा में विपक्ष पीएम मोदी की मौजूदगी में चर्चा कराने और उनके जवाब की मांग कर रहा है|

गौरतलब है कि राज्यसभा में 16 नवंबर को नोटबंदी पर चर्चा शुरु हुई थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। वहींं सीपीएम सांसद सीताराम येचुरी द्वारा पीएम मोदी पर विशेषाधिकार हनन आरोप लगाते हुए नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि पीएम सदन में आते नहीं है और सदन के बाहर नोटबंदी के मुद्दे पर लगातार बात कर रहे है जो कि सदन की अवमानना है। इस नोटिस पर राज्यसभा के सभापति अपना फैसला सुना सकते हैंं|