राम गोपाल की वापसी पर बोले अमर सिंह, ‘कोई विकल्प नहीं’

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समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने आज कहा कि राम गोपाल यादव को पार्टी में वापस लेने के मुलायम सिंह यादव के फैसले को स्वीकार करने के अलावा उनके पास ‘‘कोई विकल्प नहीं’’ है. गौरतलब है कि राम गोपाल को अमर का धुर विरोधी माना जाता है.

अमर सिंह ने बताया, ‘‘(राम गोपाल को एसपी में वापस लाने का फैसला) स्वीकार करने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है. मैं इसे विनम्रता से स्वीकार करता हूं.’’ उन्होंने कहा कि एसपी अध्यक्ष मुलायम के फैसले पर पार्टी में कोई भी नेता सवाल नहीं उठाता.

 

अमर सिंह ने कहा, ‘‘(राम गोपाल को) निकालने का फैसला नेताजी का था और यह भी उन्हीं का फैसला है. एसपी में मेरी वापसी पर असंतोष था. लेकिन किसी ने उस पर सवाल नहीं उठाया.’’

एसपी में वापसी के बाद राम गोपाल को राज्यसभा में पार्टी के नेता के तौर पर बनाए रखने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि यह पार्टी नेताओं के बीच ‘‘काम के बंटवारे’’ का मुद्दा है और ‘‘एक हद से ज्यादा ये चीजें मायने नहीं रखतीं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘गुलाम नबी आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (असम से राज्यसभा सदस्य) कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य हैं.’’ एसपी नेता ने यह भी कहा कि वह यादव परिवार के सदस्य नहीं हैं और एक बाहरी हैं, लेकिन फिर भी उन्हें भीतरी होने का विशेषाधिकार प्राप्त है.

शिवपाल और मुलायम के समर्थन में थे अमर सिंह

अमर सिंह ने कहा, ‘‘मैं एसपी में भीतरी और बाहरी दोनों हूं. यह विशेषाधिकार है.’’ यादव परिवार में पिछले दिनों मची रार में राम गोपाल ने जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पक्ष लिया था, वहीं अमर सिंह, शिवपाल यादव और मुलायम के समर्थन में थे. दोनों ने हाल के दिनों में मीडिया के जरिए एक-दूसरे पर खूब हमले बोले हैं.

अपना निष्कासन खत्म होने के साथ, रामगोपाल यादव ने आज कहा कि वह हमेशा पार्टी के साथ रहे हैं. समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अपनी पहले की तीखी टिप्पणी पर भी हालांकि वह चुप्पी साधे रहे.

निष्कासन के बाद समाजवादी पार्टी सुप्रीमो के खिलाफ अपनी तीखी टिप्पणी पर सवालों को नजरंदाज करते हुए रामगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं तो अपने घर (एसपी) में ही था. मैं समाजवादी पार्टी से हटा दिया गया. नेताजी (मुलायम) कभी मेरे खिलाफ नहीं थे..वह खुद मेरे खिलाफ कभी कुछ नहीं करेंगे. अब मैं वापस आ गया हूं, मैं नेताजी का शुक्रिया अदा करता हूं.’’

अपने निष्कासन के बाद 25 अक्तूबर को यहां संवाददाताओं से बात करते हुए रामगोपाल ने कहा था कि मुलायम अपने बेटे और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सफलता से ‘ईर्ष्या’ करते हैं.

रामगोपाल यादव का एसपी से निष्कासन रद्द

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पिछले महीने पार्टी से निकाले गए वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव का निष्कासन आज रद्द कर दिया. एसपी प्रमुख ने कहा ‘‘प्रोफेसर रामगोपाल यादव का समाजवादी पार्टी से किया गया निष्कासन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है.’’ उन्होंने कहा ‘‘प्रोफेसर रामगोपाल यादव राज्यसभा में समाजवादी पार्टी संसदीय दल के नेता, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, प्रवक्ता तथा पार्टी केन्द्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करते रहेंगे.’’

इस बीच, रामगोपाल ने निष्कासन रद्द होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नेताजी (मुलायम) अपने मन से कभी मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते थे, इसीलिये मेरा निष्कासन रद्द किया गया है. उन्होंने कहा ‘‘मैं तकनीकी रूप से निकाला गया था लेकिन मैं पार्टी से कभी बाहर नहीं गया था. मैं एसपी का जन्मजात सदस्य हूं. पार्टी में मेरी वापसी हुई है.. यह नेताजी की कृपा है. वह कभी मेरे खिलाफ नहीं थे. हम पार्टी के निर्देश के हिसाब से ही काम करेंगे. मैंने पहले भी कभी निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया.’’

 

आपको बता दें कि एसपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले रामगोपाल को बीजेपी के साथ साठगांठ करने और अनुशासनहीनता के आरोप में पिछली 24 अक्तूबर को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. उनके निष्कासन का पत्र एसपी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने जारी किया था.

शिवपाल ने उन पर यादव सिंह भ्रष्टाचार प्रकरण में अपने सांसद पुत्र अक्षय यादव और बहू को बचाने के लिये बीजेपी की शह पर बिहार में एसपी के नेतृत्व में बने जनता परिवार और महागठबंधन को तोड़ने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप भी लगाया था.