प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आएंगे, तभी होगी नोटबंदी पर बहस: मायावती

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जनता की तकलीफ को लेकर मोदी सरकार की उदासीनता की आलोचना की. उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में तब तक नोटबंदी पर बहस होने नहीं देगा, जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मौजूद नहीं होंगे. संसद भवन परिसर में मायावती ने कहा, “सभी विपक्षी दलों ने तय किया है कि नोटबंदी पर वे बहस तब तक नहीं होने देंगे जब तक मोदीजी सदन में नहीं आ जाते.” प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, “यदि वे जनता के प्रति गंभीर हैं तो वे हर हाल में आएं और बोलें.”

बीएसपी नेता ने कहा, “मेरी पार्टी ने जो रुख बुधवार को अपनाया था, उसका विपक्ष के सभी दलों ने सदन में समर्थन किया है. हम लोगों ने मोदीजी की मौजूदगी की मांग की थी.” उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी जिन समस्याओं का सामना कर रहा है उसके प्रति वह गंभीर नहीं हैं.

मायावती ने कहा, “ये लोग गंभीर नहीं हैं. देश भर में आम आदमी को जो कष्ट हो रहा है और जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है, वह इन्हें नजर नहीं आ रहा है.” राज्यसभा में बुधवार को सरकार के कालाधन और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी के फैसले पर चर्चा शुरू हुई थी.

राज्यसभा में गुरुवार को सदस्यों द्वारा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने और सदन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग करने की वजह से सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी है.बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 10 महीने अपने निकटवर्तियों का काला धन सफेद करने में लगाए.

राज्यसभा में नोटबंदी पर चर्चा के दौरान मायावती ने कहा, “सरकार का कहना है कि वे पिछले 10 महीने से नोटबंदी की तैयारी कर रहे थे. 10 महीने किसी तरह की तैयारी के लिए लंबा समय होता है. अगर वे इसे लेकर गंभीर थे तो उन्होंने नोटबंदी के बाद आज आम आदमी को हो रही दिक्कतों से निपटने की अच्छी तैयारी की होती.”

मायावती ने कहा, “लेकिन अगर उन्होंने तैयारी की होती तो हम आज देश में जो होता देख रहे हैं वह न होता.” सरकार पर अपने नजदीकियों का अवैध तरीके से अर्जित काला धन सफेद करने में मदद करने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा, “पिछले 10 महीनों में बीजेपी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और नजदीकी कारोबारियों का काला धन सफेद करने में मदद करती रही.”

मायावती ने कहा, “अगर सरकार ने नोटबंदी की तैयारियों में 10 महीने लगाए, तो उन्हें अब 50 दिनों की और जरूरत क्यों पड़ रही है? कुछ तो गड़बड़ है?”