लखनऊ के अस्पताल में हड़ताल के कारण चली गई नवजात की जान

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कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एक मासूम की जान चली गयी, हड़ताल की वजह से गंभीर हालत में रेफर किए गए नवजात को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नसीब नहीं हो पाई। राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मी बाई राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में कर्मचारियों की मिन्नतें करने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इस वजह से मेडिकल कॉलेज पहुंचने में देरी हुई और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तालकटोरा निवासी विनोद विश्वकर्मा की पत्नी हेमा को प्रसव पीड़ा होने पर रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पताल में कल सुबह भर्ती करवाया गया था। विनोद ने बताया कि प्रसव के बाद डॉ. अंजना ने बच्चे की हालत गंभीर बताई और उसे क्वीनमेरी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं हड़ताल की वजह से उन्हें कोई एंबुलेंस नहीं मिल पाई। उन्होंने डॉक्टरों से एंबुलेंस के लिए मिन्नतें की, लेकिन उन्होंने हड़ताल होने की जानकारी देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं इसके बाद विनोद बाइक की व्यवस्था कर मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

बच्चे की मौत की सूचना पाकर परिजनों के होश उड़ गए। वे बच्चे का शव लेकर अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। विनोद ने आरोप लगाया कि अगर बच्चा समय रहते मेडिकल कॉलेज पहुंच जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस संबंध में डॉ. अंजना साहू ने बताया कि डिलीवरी के दौरान झिल्ली में गंदा पानी भर गया था, जिससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। अस्पताल में एनआइसीयू की व्यवस्था न होनें पर नवजात को मेडिकल कालेज रेफर किया गया था।