राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस भेजा, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

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कानपुर नगर और देहात में सरकारी ठेकों की शराब पीने से हुई मौतों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी के सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। आयोग ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी के मुख्य सचिव को भेजे नोटिस में पूरे घटनाक्रम और शासन द्वारा इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की 4 हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

आयोग ने जारी नोटिस में कहा है कि मीडिया के जरिए जानकारी मिली है कि शराब पीकर मरने वालों के परिवार को सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं। आयोग ने मुख्य सचिव से पूछा कि सरकारी ठेकों से कैसे और किन परिस्थितियों में जहरीली शराब बेची गई। कहा है कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लाइसेंसी दुकानों से इस तरह की जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए।

बता दें कि कानपुर देहात के मंडौली गांव में सरकारी ठेके से खरीदी गई देसी शराब पीकर रविवार को 6 लोगों की मौत हो गई थी। यही नहीं, इसकी चपेट में आने से 25-30 लोग बीमार हैं। नकली शराब पीने से बीमार हुए ग्रामीणों को रविवार दोपहर तक पुलिस की गाड़ियों से आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया था। इस पूरे मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह गौर के नाती नीरज और विनय सिंह भी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि पीने की वजह से मौत होने के मामले सामने आने के बाद मंडौली गांव में शराब माफिया के गुर्गों ने रविवार को ही देर रात 15 से 20 पेटी माधुरी ब्रैंड शराब जला दी। शराब पीने से हुई मौतों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

उधर, इस मामले में अब कार्रवाइयों का दौर भी शुरू हो गया है। चौकी इंचार्ज और दो स‍िपाही पर सोमवार को गाज ग‍िरी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसएसपी अख‍िलेश कुमार ने चौकी इंचार्ज रव‍ि शंकर पांडेय और दो स‍िपाही को सस्‍पेंड कर दिया।

रूरा कस्बे में पिछले चार-पांच वर्षों से अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा था। कानपुर के संचेडी क्षेत्र के धूल गांव और फिर कानपुर देहात के मंडौली गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस टीम ऐक्शन में आई और संयुक्त छापेमारी करके रामस्वरूप सिंह गौर के भतीजे विनय के घर से 33 पेटी अवैध शराब, केमिकल बरामद किया।

source-Navbharat Times