नेपाल सीमा से गिरफ्तार आतंकी नासिर की थी बड़ी तबाही की योजना

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भारत व नेपाल की महराजगंज की सोनौली सीमा से कल शाम भारत में प्रवेश की कोशिश करते हुए गिरफ्तार नासिर आतंकी निकला। सीमा पर आतंकी के पकड़े जाने की खबर से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई। नासिर को कड़ी सुरक्षा के बीच एसएसबी के हेड क्वार्टर लाया गया।

गुजरात जिला निवासी नासिर से एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) ने कल देर रात तक पूछताछ की। देर रात तक चली पूछताछ में जो जानकारी मिली उसके मुताबिक नासिर 1990 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से किसी तरह से गुजरात आ गया था। इस दौरान 2005 के आसपास वह हिजबुल मुजाहिद्दीन नाम के आतंकी संगठन से जुड़ गया।

तीन माह तक उसे हथियार चलान की ट्रेनिंग दी गई। नासिर की सोनौली सीमा के रास्ते कश्मीर जाने की योजना थी। आतंकी संगठनों के कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को गति देने व नए लड़कों को संगठन से जोड़ उन्हें प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए वह कश्मीर जा रहा था।

कल शाम गिरफ्तारी के बाद काफी देर तक महराजगंज के एसपी प्रमोद कुमार व एसएसबी के सेनानायक शिवदयाल ने भी उससे पूछताछ की। बाद में एटीएस टीम ने भी उसकी अब तक की गतिविधियों व भारत प्रवेश के मकसद के बारे में पूछताछ की।

आतंकी नासिर को हिजबुल मुजाहिदीन का ख़ास स्लीपर सेल बताया जा रहा है। उसने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बनिहाल तहसील का रहने वाला है। उसने बताया कि उसे पाकिस्तान में ट्रेनिंग मिली है। उसने कई साल पाकिस्तान में गुजारे हैं। पूछताछ में नासिर ने वह 1990 में पाक अधिकृत कश्मीर से पाकिस्तान गया था। तब से वहीं रह रहा था। 12 साल पहले आतंकी संगठनों के संपर्क में आया। उसके दूसरे साथी नेपाल में शरण लिए हुए हैं। मुंबई एटीएस की टीम भी नासिर से पूछताछ करेगी।

एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी नासिर पाकिस्तान से दुबई भी गया था। वहां से काठमांडू (नेपाल) के रास्ते आया था। वह गोरखपुर में रुकने वाला था, इसलिए सोनौली के रास्ते भारत में घुसपैठ कर रहा था। प्रमोद कुमार ने बताया सुरक्षा में लगे जवानों ने उसे दबोचा।