नगरोटा आर्मी यूनिट पर फिदायीन हमला, 2 अफसर समेत 7 शहीद

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मंगलवार को जम्मू रीजन में दो बड़े आतंकी हुए। इनमें एक मेजर समेत 7 जवान शहीद हो गए। BSF के DIG समेत 8 जवान घायल हैं। सेना और BSF ने 6 आतंकियों को मार गिराया। पहला हमला नगरोटा आर्मी यूनिट पर सुबह 5.30 बजे हुआ। पुलिस वर्दी पहने घुसे आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग की और ग्रेनेड से हमला किया। वे ऑफिसर्स मेस में घुस गए। यहां होस्टेज क्राइसिस जैसे हालात थे क्योंकि अंदर 2 महिलाएं, 2 बच्चे और 12 जवान मौजूद थे। देर शाम तक चले एनकाउंटर के बाद तीन आतंकी मारे गए और इन सभी को छुड़ाया गया। उड़ी हमले के दो महीने बाद किसी आर्मी यूनिट पर इतना बड़ा हमला हुआ|

आर्मी स्पोक्सपर्सन ने बताया, ” आर्मी हेडक्वार्टर से 3 किमी. दूर नगरौटा के आर्मी कैंप पर सुबह आतंकी हमला हुआ।
ऑफिसर्स मेस में घुसे आतंकियों ने 2 महिलाओं, 2 बच्चों और 12 जवानों को बंधक बना लिया था। कई घंटे तक चले एनकाउंटर के दौरान महिलाओं और बच्चों को सलामत बाहर निकाल लिया गया। आर्मी ने 3 टेररिस्ट को मार गिराया। रात के वक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन को रोक दिया गया है।कॉम्बिंग ऑपरेशन बुधवार सुबह फिर से शुरू किया गया|
सेना को कन्फ्यूज करने के लिए पुलिस की वर्दी में आतंकी आर्मी यूनिट में घुसे। इसके बाद आतंकी ऑफिसर्स मेस में फायरिंग करते और ग्रेनेड फेंकते हुए घुसे। शुरुआती एनकाउंटर में एक ऑफिसर और 3 जवान शहीद हो गए। टेररिस्ट जिन बिल्डिंग्स में घुसे उनमें अफसर, उनके परिवार और दूसरे लोग थे। महिलाओं और बच्चों के चलते यहां होस्टेज क्राइसेस जैसे हालात बन गए। आर्मी ने तुरंत एक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आतंकियों को जवाब दिया। 12 जवानों समेत 2 बच्चों और 2 महिलाओं को सही-सलामत बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक अफसर और 2 जवान शहीद हो गए। कई घंटे तक चले एनकाउंटर में तीनों आतंकियों को मार गिराया गया।इसके बाद कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया जो बुधवार भी जारी रहेगा|
दूसरा बड़ा हमला इंटरनेशनल बॉर्डर से तीन किलोमीटर दूर सांबा के रामगढ़ इलाके में हुआ।कई घंटे तक चले एनकाउंटर में BSF जवानों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया।इस एनकाउंटर में BSF डीआईजी समेत 4 सिक्युरिटी पर्सनल घायल हो गए। एनकाउंटर के दौरान पाकिस्तानी सेना ने भी क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की|
सांबा के रामगढ़ में BSF को तड़के 3 आतंकियों के घुसपैठ की खबर मिली, जिसके बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया।आतंकियों को जब अहसास हुआ कि वो घिर चुके हैं तो उन्होंने सर्च टीम पर ऑटोमैटिक वेपन से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पाक सेना ने भी क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की।इसके बाद आतंकी एक झोपड़ी में घुस गए, जहां ट्यूबवेल लगा हुआ था।कवर मिल जाने पर सुबह होने तक आतंकियों ने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद जवानों ने तीनों आतंकियों को मार गिराया।आतंकियों के पास से 18 मैग्जीन, 25 ग्रेनेड, 3 IED वेस्ट बेल्ट, 5 चेन IED, वायरलेस सेट बरामद किए गए|
इस हमले का पैटर्न बिल्कुल पठानकोट और उड़ी हमले जैसा है। पठानकोट में भी पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सुबह के वक्त जवानों की ड्यूटी की अदला-बदली के वक्त का फायदा उठाया था। उड़ी हमले के दौरान आतंकी सुबह 3:30 बजे आर्मी बेस में घुसे थे। नगरोटा आर्मी यूनिट में भी आतंकी सुबह 5:30 बजे घुसे और हमला किया। पाकिस्तानी आतंकी पिछले कुछ सालों से लगातार आर्मी, एयरबेस या पैरामिलिट्री फोर्स के बेस को ही निशाना बना रहे हैं|
जून 2015 में उग्रवादियों ने म्यांमार बॉर्डर से सटे मणिपुर के चंदेल में आर्मी जवानों को ले जा रहे ट्रक पर हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हुए थे। हमले के दो दिन बाद एनएसए अजीत डोभाल के प्लान के तहत आर्मी ने सर्जिकल कमांडो ऑपरेशन चलाया और म्यांमार बॉर्डर के अंदर घुसकर उग्रवादियों को मार गिराया था। 18 सितंबर को उड़ी हमले के 10 दिन बाद 28 सितंबर को आर्मी कमांडोज ने एलओसी पार की और पीओके में मौजूद आतंकी कैम्पों पर हमला किया। इसमें 38 अातंकी मारे गए।हालांकि, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी जम्मू-कश्मीर में 12 आतंकी हमले-एनकाउंटर हो चुके हैं|