बागपत में 20 मुस्लिम धर्म परिवर्तन कर हिंदू बने

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पश्चिमी यूपी के बागपत जिले में अपने समुदाय से मदद नहीं मिलने से नाराज 20 लोगों ने धर्म परवर्तन कर हिंदू धर्म अपना लिया है। हिंदू धर्म अपना चुके इस परिवार ने एसडीएम बड़ौत को हलफनामा दिया था कि वह अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। इस मामले के सामने आते ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। जिले के एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने परिवार से करीब एक घंटे बातचीत की। उनसे परिवार ने कहा कि उनकी पुलिस से नाराजगी नहीं है, बल्कि वह अपने समाज के लोगों द्वारा सहयोग नहीं मिलने से स्वेच्छा से धर्म बदल रहे हैं।

बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव के अख्तर अली के परिवार के सदस्यों ने युवा हिंदू वाहिनी (भारत) के पदाधिकारियों के साथ एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार को प्रार्थना पत्र दिया कि वह स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहते हैं और इसके लिए उन पर किसी का दबाव नहीं है। इसके बाद बदरखा गांव में आयोजित यज्ञ के दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने विधिवत रूप से हिंदू धर्म अपनाया। सभी ने अपना नाम भी बदला।

बहरहाल इन लोगों के हलफनामे के बावजूद एसडीएम ने इनका पक्ष सुना और छपरौली पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी है कि कहीं इन पर किसी तरह का दबाव तो नहीं बनाया गया है। जिले के एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि धर्म बदलने वाले परिवार का मुस्लिम समाज के लोगों ने साथ नहीं दिया, जिस कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

इस मामले के पीछे जो कहानी सामने आई है वह यह है कि बदरखा गांव के अख्तर अली का बेटा गुल हसन उर्फ गुलजार कपड़े का व्यापार करता था और जुलाई में उसकी लाश उनकी ही दुकान में खूंटी पर लटका मिली थी। परिवार का आरोप था कि मुस्लिम समाज के ही कुछ दबंगो ने उसकी हत्या करने के बाद शव को खूंटी पर लटका दिया था। हालांकि इस मामले में आत्महत्या का केस दर्ज किया गया और शव को दफना दिया गया।

पीड़ितों ने इसकी शिकायत जिले के आला पुलिस अधिकारियों से की थी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अख्तर अली ओर उनके परिवार का कहना था कि इस्लाम धर्म मे रहकर हम अपने बेटे को न्याय नही दिला सकते थे क्योंकि मुस्लिम धर्म के दबंगो ने ही हमारे बेटे की हत्या की है और अभी भी पूरे परिवार का जीना मुहाल कर रखा है, इसीलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन का फैसला किया। दबंग आये दिन परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे, इसलिए परिवार ने अपना गांव छोड़ दिया और इस्लाम छोड़ कर हिन्दू धर्म अपना लिया है।