मुलायम सिंह यादव अभी भी मैदान में, शिवपाल यादव और अमर सिंह पार्टी छोड़ने को तैयार-सूत्र

12
SHARE

मुलायम सिंह यादव अभी भी मैदान में है जबकि शिवपाल यादव और अमर सिंह पार्टी छोड़ने को तैयार है| सूत्रों से खबर आ रही है कि अमर सिंह पार्टी से इस्तीफा देने को तैयार हैं और शिवपाल भी पार्टी छोड़ने को तैयार हैं| यही नहीं अखिलेश के लिए शिवपाल अपनी सीट जसवंत नगर सीट छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन मुलायम सिंह अड़े हुए हैं| उनका कहना है कि मुझे अध्यक्ष पद से हटाया नहीं जा सकता| हम अखिलेश से लड़ने को तैयार हैं| इसे लेकर मुलायम और शिवपाल फ्लाइट से दिल्ली आ रहे हैं और अमर सिंह से मुलाकात करेंगे|

इस बीच अखिलेश ने शिवपाल के बर्खास्त किए गए चार जिला अध्यक्षों को पार्टी में वापस ले लिया है| कुछ दिन पहले शिवपाल यादव ने देवरिया के रामइकबाल यादव, कुशीनगर के राम अवध यादव, आज़मगढ़ के हवलदार यादव और मिर्ज़ापुर के आशीष यादव को ज़िला अध्यक्ष पद से बर्ख़ास्त कर दिया था| ये सभी लोग अखिलेश खेमें के माने जाते हैं| अखिलेश यादव ने सपा के सभी ज़िला इकाइयों को चुनाव की तैयारी करने के आदेश दिए|

इस बीच समाजवादी पार्टी में मुलायम और अखिलेश यादव के गुटों में कोई समझौता होने के आसार लगभग खत्म हो गए हैं| ऐसे में अब बाप और बेटे का खेमा आमने सामने चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान अब भी सुलह की आखिरी कोशिश कर रहे हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद में भी हैं|

विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों पर अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाने और प्रत्याशियों की सूची जारी करने का दबाव बढ़ गया है| अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अंदर जारी संकट के बीच आज पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है| अखिलेश गुट के सूत्रों की मानें तो विधायकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी और जल्द ही प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी|

यूपी में विधानसभा चुनाव 11 फरवरी से लेकर 8 मार्च तक सात चरणों में होगा| चुनाव के नतीजे 11 मार्च को आएंगे| सपा सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने लोगों से कह दिया है कि अब वह पूरी तरह चुनाव प्रचार में लग जाएं और किसी तरह के भ्रम में न रहें|

मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश की जनता ने यह मन बना लिया है कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बने| उन्‍होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि ‘जब चुनावी तारीख आ जाएं तो समझ लो ‘लड़ाई’ शुरू हो गई और मैं चाहता हूं कि प्रदेश की जनता एक बार फिर काम करने वालों को वोट दें”| हालांकि सुलह की संभावना को लेकर मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सीधा कोई जवाब नहीं दिया|

पार्टी में घमासान और समझौते के मुद्दे को लेकर अखिलेश ने कहा कि ‘मैं समझता हूं कि यह समय ऐसा है कि समाजवादी सिद्धांत कैसे आगे बढ़ें| समाजवादी विचारधारा और कैसे आगे तक जाएं| समाजवादियों के आशीर्वाद से मुझे काम करने का मौका मिला, शायद उन्‍हीं का आशीष था कि काम हो पाए| नेताजी ने ही कहा था कि क्‍या एक्‍सप्रेस-वे 23 महीने में बन सकता है… हमने इसे 23 महीने में ही बनाकर दिखा दिया| मेट्रो देश में कभी इतने कम वक्‍त में नहीं बनी होगी| इसलिए मैं कह रहा हूं कि लोकतंत्र में नेताजी ने मुझे मौका दिया और उन्‍हीं के आशीर्वाद से हमने इतना काम किया है| लोगों को भरोसा है कि समाजवादी पार्टी काम करेगी| इसलिए जब काम दिया है, काम किया है और अब तो हम भी यह कहते हैं कि समाजवादियों का काम भी बोलता है’|