शिवपाल के 175 नामों के एलान के बाद अखिलेश ने मुलायम को सौंपी 403 कैंडिडेट्स की लिस्‍ट

8
SHARE
यूपी विधानसभा चुनावों से पहले सीएम अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच एक बार फिर कैंडिडेट्स के नामों को लेकर टकराव हो सकता है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी चीफ मुलायम सिंह से मुलाकात करके 403 कैंडिडेट्स की लिस्ट सौंपी। वहीं, शिवपाल पहले ही 175 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर चुके हैं। दोनों की लिस्‍ट में कई नामों पर मतभेद है|
अखिलेश ने मुलायम को जो सूची सौंपी है, उसमें माफिया अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि का नाम नहीं है।इसके अलावा अखिलेश ने अपने करीबियों को शामिल किया है, जिनका टिकट शिवपाल यादव ने काट दिया था। सूची में मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि सीएम ने अपनी एजेंसी से कराए सर्वे के आधार पर लिस्ट तैयार की है|ज्यादातर मंत्री और विधायक अपने कामकाज से क्षेत्र की जनता की मांगों को पूरा कर पाने में नाकामयाब पाए गए। इसके बाद सीएम ने इनका टिकट काट दिया|
वहीं, शिवपाल यादव ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि पार्टी में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो पार्टी की इमेज को नुकसान पहुंचाएटिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। अब तक 175 लोगों को टिकट दिया जा चुका है।
किसके टिकट कटेंगे, इसका निर्णय जिला संगठन, प्रदेश संगठन और पार्टी के सीनियर लोग लेंगे।शिवपाल ने ये भी कहा कि पार्टी गठबंधन करेगी या नहीं, इसका फैसला नेताजी ही करेंगे|
इस बीच मुलायम सिंह यादव ने रविवार को गायत्री प्रसाद प्रजापति को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सचिव घोषित कर दिया।खास बात ये है कि शनिवार को ही अमर सिंह न सिर्फ लखनऊ आए थे, बल्कि वो शिवपाल यादव से भी मिले थे।इसके एक दिन बाद ही मुलायम ने गायत्री को राष्ट्रीय सचिव बना दिया|
मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन के कयासों के बीच कहा कि पार्टी किसी से कोई गठबंधन नहीं करेगी और पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों लोग ये कह चुके हैं कि गठबंधन पर फैसला नेताजी करेंगे।
अखिलेश ये कह चुके हैं कि अगर कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन होता है तो हम 300 से ज्‍यादा सीटें जीतेंगे|
चुनाव आयोग इस हफ्ते पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम का एलान कर सकता है। 28 दिसंबर को चुनाव की तारीखें सामने आ सकती हैं।अफसरों ने बताया कि पहले 22 दिसंबर को ऐलान होने वाला था लेकिन गोवा ने क्रसमस के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करने का आग्रह किया था।यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में अगले साल चुनाव होने हैं। जानकारी के मुताबिक, आयोग ने यूपी में चुनाव के लिए केंद्रीय बल भेजना शुरू कर दिया है। राज्य में 2012 की तरह सात चरणों में वोटिंग संभावित है। इसकी शुरुआत वेस्‍ट यूपी से हो सकती है। वहां केंद्रीय बल भेजे गए हैं। पहले चरण के लिए करीब 50 कंपनियों एक-दो दिन में पहुंच रही हैं|