मुगलसराय अब से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

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भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कई योजनाएं चलाने के साथ ही अब एक रेलवे स्टेशन का नामकरण भी उनके नाम पर किया है। चंदौली जिले का मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया है।

केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने 2014 में कई जगहों और योजनाओं के नाम बदल दिए हैं जिसमें ज्यादातर पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम से रखे गए हैं। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश सरकार ने मुगलसराय जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम भी बदल दिया है।

प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई। चंदौली के सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इस फैसले के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलने के लिए 15 मई को ही भारत सरकार ने अनापत्ति दे दी थी। परिवर्तित नाम पर मुहर लगाते हुए लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने यह अधिसूचना जारी की है।

संजय अग्रवाल ने इसकी जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, भारत के महासर्वेक्षक समेत कई प्रमुख लोगों को उपलब्ध कराई है। मुगलसराय स्टेशन पर ही एकात्ममानववाद के प्रणोता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शव मिला था। सरकार ने उनकी याद में यह कदम उठाया है। चंदौली के सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इस फैसले पर कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय महान चिंतक थे जिन्होंने अन्त्योदय का दर्शन दिया।

1862 में बने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने की कवायद पिछले साल ही शुरू हो गई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने का सुझाव केंद्र के पास भेजा था जिसे बाद में केंद्र ने स्वीकार कर लिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय 1968 में मुगलसराय स्टेशन पर ही दीन दयाल मृत अवस्था में पाए गए थे।

इससे पहले केंद्र और राज्य सरकार कई बड़ी योजनाओं को दीन दयाल उपाध्याय के नाम से घोषित कर चुकी है या चला रही है। इनकी योजनाओं में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना केंद्र की ओर से घोषित कई योजनाओं में से कुछ बड़ी योजनाएं हैं।

बीते वर्ष सत्ता पर काबिज होने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा परिवार के आश्रित सदस्यों को आकस्मिक तथा असाध्य रोगों के कैशलेस इलाज की योजना का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मी कैशलेस चिकित्सा योजना किया था।

source-Dainik Jagran